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जाओ, जाकर चप्पल सिलो… IndiGo फ्लाइट ट्रेनी पायलट के साथ बुरा सलूक, सीनियर्स बोले- चौकीदार बनने लायक भी नहींं

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IndiGo Flight Pilot News: आज के प्रतियोगी दौर में अपनी प्रतिभा के बदौलत लोग सफलता या किसी मुकाम पर पहुंचते हैं. मगर, क्या हो जब आपकी सफलता को आपकी जाति या फिर बैकग्राउंड से जोड़ कर देखा जाए… आपके खिलाफ बुरे-बुरे कमेंट्स पास किए जाएं… कुछ ऐसा ही हुआ इंडिगो के फ्लाइट (IndiGo Flight) के ट्रेनी पायलट के साथ. उसके साथ उसके सीनियर्स बुरा बर्ताव करते रहे, उसके खिलाफ जातिवादी टिप्पणी करते रहे, उसे पायलट की जॉब छोड़ने का मानसिक दबाव भी बनाते रहे, मगर इंडिगो के ऊपरी महकमें से शिकायत के बावजूद भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. उल्टे उसी को नोटिस मिलने लगे, पनिशमेंट भी दिया जाने लगा. हार थक कर, जब उसके पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं बचा तो, उसने पुलिस से मदद की गुहार लगाई. बेंगलुरु में जीरो एफआईआर हुई, फिर दिल्ली-एनसीआर के गुरुग्राम के डीएलएफ-1 पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कार्रवाई की गई, जहां पर पूरा वाकया हुआ था.
दरअसल, बेंगलुरु के एक 35 साल के ट्रेनी पायलट ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. उसने इंडिगो एयरलाइंस के तीन सीनियर अधिकारियों पर गुरुग्राम स्थित एयरलाइन के कॉर्पोरेट कार्यालय में अपने कार्यकाल के दौरान जाति आधारित उत्पीड़न, अपमान और प्रोफेशन उत्पीड़न का आरोप लगाया है, टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी तापस डे, मनीष साहनी और कैप्टन राहुल पाटिल के खिलाफ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.

जातिवादी Comments
शुरू में बेंगलुरु में जीरो एफआईआर की गई. फिर इसको गुरुग्राम के डीएलएफ-1 पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर दिया गया, जहां कथित घटना हुई थी. ट्रेनी पायलट के अनुसार, उत्पीड़न 28 अप्रैल को इंडिगो के मुख्यालय एमार कैपिटल टॉवर 2 में हुआ था. पायलट ने अपनी शिकायत में कहा कि उसके आगमन के तुरंत बाद ही उसके साथ दुर्व्यवहार शुरू हो गया, जब डे ने उसे “अपमानजनक तरीके” से निर्देश दिया कि वह अपना फोन और बैग कमरे के बाहर छोड़ दे. पायलट का कहना था कि उनका निर्देश मेरे साथ दुर्व्यवहार ही था.
जाकर चप्प्ल सिलो…

पायलट ने आरोप लगाया कि एक बार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे 30 मिनट की मीटिंग में तीनों अधिकारियों ने जातिवादी गालियां दीं. उसका आरोप है कि सीनियर्स ने उसे कहा, ‘ (i) तुम विमान उड़ाने के लायक नहीं हो, वापस जाओ और चप्पल सिलो. (ii) तुम तो यहां चौकीदार भी बनने के भी लायक नहीं हो. (iii) जातिवादी गाली देकर उन्हें अपमानित करने और अपमानित करने की कोशिश की.’

एससी/एसटी सेल में कंप्लेन
ट्रेनी पायलट ने अपने शिकायत में पुलिस को बताय, ‘उत्पीड़न जानबूझकर और लगातार किया गया था. उनका (सीनियर्स) उद्देश्य था कि दबाव डालकर इस्तीफा देने के लिए मुझे मजबूर करना था.’ पायलट ने आगे बताया कि सीनियर्स मौखिक तौर पर ही उसके साथ दुर्व्यवहार करते थे. साथ ही सैलरी में कटौती भी की गई, जबरन बार-बार ट्रेनिंग करवाना, यात्रा के विशेषाधिकार रद्द किया जाता था और इन सबके अलावा मुझे ही वार्निंग लेटर दिया जाता था. उसने कहा कि सीनियर मैनेजमेंट और इंडिगो की इंटरनल नैतिकता समिति के सामने भी मुद्दा उठाया था, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसके बाद ही मजबूरन मुझे एससी/एसटी सेल में कंप्लेन करनी पड़ी.