Home छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सफलता के लिए सुरक्षा बलों पर पूरा...

नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सफलता के लिए सुरक्षा बलों पर पूरा भरोसा – अमित शाह

48
0

रायपुर – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि उन्हें नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को सफल बनाने के लिए सुरक्षा बलों की बहादुरी और अथक प्रयासों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने ये बातें सुरक्षा कर्मियों से संवाद के दौरान प्रदेश के नवा रायपुर में कही।सुरक्षा कर्मियों को संबोधित करते हुए शाह ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, कोबरा टीमों, छत्तीसगढ़ पुलिस और जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के साहस, वीरता, बलिदान और समर्पण की सराहना की।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जिस तरह से सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस, धैर्य और प्रतिबद्धता के साथ माओवादी ठिकानों को ध्वस्त किया है, उसने दुनिया भर के सुरक्षा बलों को चकित कर दिया है।उन्होंने कहा, “मैं जानता हूं कि हमारे जवान जो हासिल करने की ठान लेते हैं, उसे वे हमेशा हासिल करते हैं।” केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा कि यह हमारे सुरक्षा बलों पर भरोसा है, जिससे प्रेरित होकर मैं बार-बार दोहराता रहता हूं कि हम 31 मार्च, 2026 से पहले नक्सलवाद का खात्मा कर देंगे।

शाह ने कहा कि नक्सलवाद गरीब आदिवासी क्षेत्रों के लिए एक बड़ी आपदा रही है, जिसके कारण पिछले 35 वर्षों में लगभग 40,000 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग विकलांग हो गए हैं। उन्होंने कहा, “नक्सल हिंसा ने गरीब आदिवासी आबादी को भोजन, बिजली, शिक्षा, आवास, शौचालय और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी आवश्यकताओं से वंचित कर दिया है – औद्योगिक विकास की संभावना तो दूर की बात है। पूरा क्षेत्र दशकों तक गुलामी जैसी परिस्थितियों में रहने को मजबूर था, और इस पीड़ा का मूल कारण नक्सलवाद था।”

शाह ने संतोष व्यक्त किया कि जैसे-जैसे विभिन्न क्षेत्रों से नक्सलवाद का खात्मा हो रहा है, छत्तीसगढ़ सरकार भोजन, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, आवास, स्वच्छता और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है – जिससे लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। शाह ने कहा, “जब कोई बच्चा बंदूक की जगह पेंसिल उठाता है और ‘का, खा, गा’ लिखना शुरू करता है, तो यह सिर्फ उस बच्चे का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का भविष्य बदल देता है। वह क्षण बहुत करीब है।”

उन्होंने कहा कि जब मार्च 2026 में देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा, तो यह आजादी के बाद सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा। उन्होंने कहा कि जब नक्सलवाद के खात्मे का इतिहास लिखा जाएगा, तो हमारे सुरक्षा बलों के बलिदान, समर्पण और कड़ी मेहनत को स्वर्ण अक्षरों में अंकित किया जाएगा।

शाह ने नक्सल हिंसा के पीड़ितों के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘लियोर ओयना’ का भी विमोचन किया। यह उन निर्दोष और निहत्थे लोगों के दर्द को समझने में मदद करेगी, जो नक्सलियों द्वारा की गई निर्मम हिंसा का शिकार हुए। यह उन लोगों की आंखें भी खोलेगा जो मानवाधिकारों के नाम पर नक्सलियों के प्रति सहानुभूति दिखाते हैं और उन्हें बेनकाब करने में सहायक होंगे।