प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एआई शिखर सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया, जिसमें 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष व शासन प्रमुख शामिल हुए। इस दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि एआई दुनिया को बदलने की ताकत रखता है, लेकिन इसे जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की जरूरत है। आइए जानते हैं कि पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें कौन-कौन सी रहीं।
नई दिल्ली – एआई इम्पैक्ट लीडरशिप सम्मेलन 2026 के औपचारिक उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कई अहम बातें बताईं। उन्होंने कहा कि नई तकनीक को लेकर शुरू में संदेह होता है, लेकिन ये नई पीढ़ी अब जिस तरह से एआई का इस्तेमाल कर रही है, वो अभूतपूर्व है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई ने मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा दिया है, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एआई तकनीक को जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की जरूरत है। आइए जानते हैं कि प्रधानमंत्री के संबोधन की बड़ी बातें कौन-कौन सी रहीं-
- प्रधानमंत्री ने कहा भारत नई तकनीक बनाता है और साथ ही तेजी से नई तकनीक को अपनाता भी है।
- प्रधानमंत्री ने कहा, भारत दुनिया के सबसे बड़े टेक पूल का केंद्र है। यह वैश्विक दक्षिण के लिए गर्व की बात है कि एआई सम्मेलन भारत में हो रहा है।
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- प्रधानमंत्री ने कहा, एआई मशीनों को बुद्धिमान बना रहा है, लेकिन इससे भी ज्यादा मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रहा है। इस बार सबसे बड़ा अंतर ये है कि इस बार गति अभूतपूर्व है और इसका स्तर भी बहुत विस्तृत है। पहले तकनीक का असर दशकों में जाकर दिखता है। आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन की यात्रा पहले के मुकाबले बहुत तेज है।
- प्रधानमंत्री ने एआई को जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करने की अपील करते हुए कहा, ‘जिस तेजी से युवा वर्ग एआई को अपना रहा है, वह बेहद सराहनीय है। युवाओं में एआई सम्मेलन को लेकर गजब का उत्साह है। हमें अपना विजन बड़ा करने की जरूरत है और साथ ही ये एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। मौजूदा पीढ़ी के साथ हमें इस बात की भी चिंता है कि एआई को किस रूप में हम आने वाली पीढ़ी को सौंपेंगे। असल सवाल ये नहीं है कि हम एआई से भविष्य में क्या कर सकते हैं बल्कि ये है कि हम वर्तमान में एआई से क्या करें? ऐसे सवाल मानवता के सामने पहले भी आए हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण परमाणु ऊर्जा है। हमने इसकी तबाही को देखा और साथ ही इसके सकारात्मक योगदान को भी देखा।’
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