नई दिल्ली – तकनीक के युग में स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी लगातार नए इनोवेशन देखने को मिल रहे हैं. कुछ ऐसा ही दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में देखने को मिला जहां गुजरात में बैठकर दिल्ली में मौजूद मरीजों की डॉक्टरों ने रोबोटिक टेली सर्जरी करने में सफलता प्राप्त की. इस टेली सर्जरी में शामिल अत्याधुनिक मिजो एंडो 4000 रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का उपयोग करते हुए मरीजों की सफलतापूर्वक सर्जरी हुई.
ये सर्जरी गुजरात के वापी से संचालित सर्जनों द्वारा की गईं, जिनके माध्यम से 1,200 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित सर गंगा राम अस्पताल में उपचाराधीन रोगियों का इलाज किया गया. अस्पताल में यूरोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांट और रोबोटिक सर्विसेज के कोऑर्डिनेटर डॉ. विपिन त्यागी ने बताया कि अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने अल्ट्रा-लो लेटेंसी के साथ मात्र 24 घंटों के भीतर यूरोलॉजी और जनरल सर्जरी के अंतर्गत चार जटिल सर्जरी प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक संपन्न किया.
सर्जरी के लिए यह है आवश्यक
उनके अलावा अस्पताल के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सचिव और नेफ्रोलॉजी विभाग के चेयरमैन में डॉ. (प्रो.) ए. के. भल्ला ने कहा कि रोबोटिक्स और डिजिटल कनेक्टिविटी का एकीकरण मरीजों के लिए आसान सर्जरी सुविधा प्रदान कर रहा है. इस रोबोटिक टेलीसर्जरी के लिए हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी की आवश्यकता होती है. टेली-सर्जरी हमें दूरी के बावजूद वही सटीकता और शल्य-चिकित्सकीय आत्मविश्वास प्रदान करने में सक्षम बनाती है, जैसा कि ऑपरेशन थिएटर में होता है.
ये हैं फायदे
उन्होंने आगे कहा, डॉ. अजय शर्मा ने सिस्टम का संचालन किया, जबकि मैंने दूरस्थ स्थान से प्रक्रिया को नियंत्रित किया. यह मॉडल दर्शाता है कि विशेषज्ञता और टीमवर्क किस प्रकार भौगोलिक सीमाओं से परे जाकर उन्नत चिकित्सा देखभाल प्रदान कर सकते हैं. सर्जन अब टेली-सर्जरी के माध्यम से रिमोट सर्जरी कर सकते हैं, जिसमें विभिन्न ऑपरेटिंग स्थलों को जोड़ने के लिए सुरक्षित, उच्च-गति कनेक्शन का उपयोग किया जाता है. रोबोटिक सर्जरी से अधिक सटीकता, छोटे चीरे, कम रक्तस्राव, तेज रिकवरी और अस्पताल में कम समय रहने जैसे फायदे अब दूरदराज और सेवा वंचित क्षेत्रों के रोगियों तक भी पहुंचाए जा सकते हैं.






