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रेवंत रेड्डी के बिहार आने पर क्यों हुआ हंगामा?- बिहार से माफी मांगनी चाहिए

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बिहार में राहुल गांधी की यात्रा में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भाग लिया है। हालांकि, उनके बिहार आने पर हंगामा खड़ा हो गया है। प्रशांत किशोर ने तो 
पटना – केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा से कहा कि वे अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को आमंत्रित करने के लिए ”बिहार की जनता से माफी मांगें.” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता प्रधान ने यह टिप्पणी पार्टी की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में की. ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान मंगलवार को रेड्डी को सुपौल जिले में प्रियंका और राहुल के साथ देखा गया.

प्रधान ने कहा, ”राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को बिहार के लोगों से माफी मांगनी चाहिए. रेवंत रेड्डी ने कहा था कि बिहार का ‘डीएनए घटिया’ है. यात्रा में उनके साथ मौजूद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव को भी माफी मांगनी चाहिए.” रेड्डी ने कुछ साल पहले कथित तौर पर कहा था कि तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव के अंदर एक ‘बिहारी डीएनए’ है, जो ‘तेलंगाना के डीएनए’ जैसी गुणवत्ता वाला नहीं है.

बिहार के लिए भाजपा के पूर्व प्रभारी महासचिव प्रधान ने विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन पर ‘वोट चोरी’ की ‘अफवाहें फैलाने’ का आरोप लगाया. उन्होंने मतदाता सूची से लाखों लोगों के नाम हटाए जाने का परोक्ष रूप से बचाव करते हुए कहा, ”हमारा देश रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों के लिए धर्मशाला नहीं है.” प्रधान ने कहा, ”यहां बहुत सारे युवा मौजूद हैं. मेरा सुझाव है कि वे गूगल, ग्रोक और चैटजीपीटी पर बिहार में ‘वोट चोरी’ के बारे में पता करें. नतीजों में बड़े पैमाने पर बूथ कब्जा करने के मामले सामने आएंगे, जो राजद और कांग्रेस के सत्ता में रहने के दौरान आम बात थी.” उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव में राजग की जीत के साथ यह सुनिश्चित करने के लिए उत्साहित किया कि ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रगति की राह पर इस यात्रा को जारी रखा जाए.” समारोह स्थल ज्ञान भवन के बाहर भाजयुमो कार्यकर्ताओं की कांग्रेस की छात्र शाखा और एनएसयूआई के उन कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई, जो काले झंडे लेकर प्रदर्शन कर रहे थे.

एनएसयूआई के बिहार प्रभारी शाश्वत शेखर ने संवाददाताओं से कहा, ”एक कानून का छात्र होने के नाते, मुझे पता है कि काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन करना कोई गैरकानूनी काम नहीं है. लेकिन भाजपा गुंडागर्दी कर रही है.” उन्होंने कहा, ”हम केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान का ध्यान पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने और राज्य में स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश में स्थानीय छात्रों को वरीयता देने जैसी अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों की ओर आर्किषत करना चाहते थे.” अपने भाषण में प्रधान ने युवाओं से ‘नौकरी मांगने वाला बनने के बजाय नौकरी का सृजन करने वाला बनने’ का लक्ष्य रखने और ‘भारत को दुनिया का नंबर एक देश बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने’ को साकार करने में देश की मदद करने का आ”ान किया.

उन्होंने जीवाश्म ईंधन की जगह सौर ऊर्जा और हाइड्रोजन के उपयोग से टिकाऊ विकास हासिल करने का भी जिक्र किया. अपने कैबिनेट सहयोगी और कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह की ओर मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा, ”यह बहुत अच्छी बात है कि आप अब केले के छिलके से कपड़ा बना रहे हैं. जैव अपशिष्ट एक ऐसी चीज है जिसका हमें बड़े पैमाने पर उपयोग करना चाहिए.” इससे पहले पटना स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-पटना) के दीक्षांत समारोह में शिक्षा मंत्री ने मातृभाषा में प्रशिक्षण देने का आ”ान किया. प्रधान ने कहा कि ‘ना तो इजराइल, ना ही जापान और ना ही जर्मनी अपने अभियंताओं को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने के लिए कहते हैं.” उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर देने से बिहार के लिए एक बहुत बड़ा अवसर है. अगर बिहार के उत्पाद दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचेंगे, तो इससे राज्य में समृद्धि आएगी और बदले में देश को भी लाभ होगा.”