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मतदाता सूची को लेकर INDIA ब्लॉक का संसद के बाहर हंगामा, लिस्ट फाड़कर किया विरोध – जानें किसने क्या कहा

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बिहार में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी इंडिया गठबंधन ने संसद में जोरदार प्रदर्शन किया। राहुल, प्रियंका, खरगे समेत कई नेताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया और सूची को फाड़कर विरोध जताया। विपक्ष ने पारदर्शिता की मांग करते हुए सरकार पर गरीबों के मताधिकार छीनने का आरोप लगाया।

नई दिल्ली – बिहार में चल रही मतदाता सूची के पुनरीक्षण प्रक्रिया यानी एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन ने संसद परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, डिंपल यादव समेत कई सांसदों ने प्रतीकात्मक रूप से वोटर सूची की कॉपी फाड़कर उसे कूड़ेदान में फेंका और सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। नेताओं का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया चुनाव से ठीक पहले चलाकर जनता के मतदान अधिकार को छीनने की कोशिश है।

राहुल और प्रियंका का हमला

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में एसआईआर सूची फाड़कर विरोध जताया। उनके साथ प्रियंका गांधी वाड्रा और सपा सांसद डिंपल यादव भी थीं। प्रियंका गांधी ने कहा कि यह लोकतंत्र है। सभी राजनीतिक दलों को वोटर लिस्ट की जानकारी होनी चाहिए। जब हमने यह सूची मांगी, तो क्यों नहीं दी गई? आखिर क्या छुपाया जा रहा है?

एसआईआर संविधान के खिलाफ- खरगे
राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकार की मंशा गरीबों को वोटिंग से बाहर रखने की है, जिससे केवल अमीर वोट करें। यह पूरी प्रक्रिया संविधान के खिलाफ है। हम इसी एसआईआर के विरोध में लड़ रहे हैं। खरगे ने भी एसआईआर की सूची को फाड़कर विरोध दर्ज कराया और इसे कूड़ेदान में फेंका।

ये लोकतंत्र की हत्या है- प्रमोद तिवारी
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया लोकतंत्र की हत्या है। हम हर लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करते रहेंगे। सरकार जनता के संवैधानिक अधिकारों पर हमला कर रही है।

डिंपल यादव ने उठाया पारदर्शिता का मुद्दा
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि पूरा विपक्ष एकजुट है क्योंकि चुनाव आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। अगर यह प्रक्रिया जरूरी थी तो पहले क्यों नहीं की गई? चुनाव से पहले अचानक क्यों की जा रही है? इससे लगभग 50 लाख वोटर प्रभावित होंगे और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है।

शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी का बयान
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की भाषा से स्पष्ट है कि इस प्रक्रिया में दुर्भावना है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि जिन दस्तावेजों को लाना मुश्किल है, उनकी मांग अनुचित है। चुनाव आयोग को वैकल्पिक दस्तावेजों को सूची में शामिल करना चाहिए।

भाजपा विधायक का पलटवार
वहीं, भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। वे सिर्फ हंगामा करना जानते हैं। राज्य की जनता सब देख रही है। उन्होंने राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया और कहा कि अगर उनके पास पारिवारिक संपत्ति न होती तो वे इस पद पर नहीं होते। वह एक भ्रमित नेता हैं।