बजट सत्र के दूसरे चरण में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा जारी है। आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चर्चा में हिस्सा लेंगे।
नई दिल्ली – संसद में बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही के दौरान बुधवार को लोकसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ। हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को सदन में गिर गया। भारी हंगामे के बीच यह प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। इससे पहले सदन में प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद विपक्षी दलों के सदस्य भड़क गए और वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। विपक्षी सांसद ‘अमित शाह माफी मांगो’ के नारे लगाते हुए लगातार विरोध जताते रहे।
बता दें कि ओम बिरला के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव बीते फरवरी माह में ही लाया गया था जिस पर लगभग 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे। इस प्रस्ताव पर बहस के लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है, जिसके बाद इस पर सांसदों के मत लिए जाएंगे। प्रस्ताव पास कराने के लिए विपक्ष को सिंपल मेजोरिटी यानि साधारण बहुमत की आवश्यकता है।
स्पीकर के खिलाफ लाया गया प्रस्ताव गिरालोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को सदन में गिर गया। भारी हंगामे के बीच यह प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। इससे पहले सदन में प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद विपक्षी दलों के सदस्य भड़क गए और वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। विपक्षी सांसद ‘अमित शाह माफी मांगो’ के नारे लगाते हुए लगातार विरोध जताते रहे। हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी ने व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की और सदस्यों से शांत रहने की अपील की। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव को ध्वनिमत के जरिए निर्णय के लिए रखा गया। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा के दौरान कहा था कि स्पीकर पूरे सदन के होते हैं और उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्ष ने राजनीतिक लाभ के लिए यह प्रस्ताव लाया है। वहीं विपक्ष का कहना था कि सदन के संचालन को लेकर उनके कई मुद्दे हैं, जिन्हें लेकर उन्होंने यह प्रस्ताव पेश किया था। हालांकि मतदान से पहले ही हंगामे के बीच प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया।
राहुल गांधी बोलना नहीं चाहते… लोकसभा में अमित शाहकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष के नेता की शिकायत है कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है, विपक्ष के नेता की आवाज़ दबाई जा रही है। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि कौन तय करेगा कि किसे बोलना है? स्पीकर? नहीं, यह आपको तय करना है। लेकिन जब बोलने का मौका आता है, तो आप जर्मनी में, इंग्लैंड में दिखते हैं। फिर वह शिकायत करते हैं। 18वीं लोकसभा में कांग्रेस सांसद 157 घंटे और 55 मिनट बोले। विपक्ष के नेता ने कितना बोला? आपने क्यों नहीं बोला? किस स्पीकर ने आपको रोका? कोई नहीं रोक सकता। लोकसभा को बदनाम करने के लिए यह किया जा रहा है।
अमित शाह के संबोधन के दौरान विपक्ष का जोरदार हंगामालोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान के बाद सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। शाह की टिप्पणी पर विपक्षी दलों के सदस्य भड़क गए और वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। विपक्षी सांसदों ने ‘अमित शाह माफी मांगो’ के नारे लगाते हुए विरोध जताया। हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने विपक्षी सदस्यों से शांत रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी सदस्य ने आरोप लगाए हैं तो उन्हें जवाब सुनने का भी धैर्य रखना चाहिए। हंगामे के बीच अमित शाह ने कहा कि अगर कुछ असंसदीय शब्द का प्रयोग हो गया है तो उसे हटा दिया जाए। इस पर जगदंबिका पाल ने कहा कि आपने आरोप लगाए हैं, तो जवाब सुनने का भी धैर्य रखिए। यह क्या तरीका है? उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी बयान में कुछ असंसदीय पाया जाता है तो उसे रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा।
कौन बोलेगा, कब बोलेगा, कितना बोलेगा… स्पीकर तय करते हैं… अमित शाहलोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूरे देश में भाजपा की छवि खंडित करने के लिए प्रचार किया जा रहा है कि उन्हें (विपक्ष) बोलने नहीं दिया जाता लेकिन जो लोग यह प्रयास कर रहे हैं उनसे मैं कहना चाहता हूं कि इससे भाजपा की छवि खंडित नहीं होती क्योंकि कौन बोलेगा, कब बोलेगा, कितना बोलेगा और क्या बोलेगा वह निर्णय सत्ताधारी पार्टी नहीं स्पीकर करते हैं। इस दौरान अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि लगातार व्यवधानों के बावजूद लोकसभा की उत्पादकता उच्च स्तर पर रही है। उन्होंने कहा कि कई बार रात 12 बजे तक सांसदों को बोलने का अवसर दिया गया। उन्होंने बताया कि स्पीकर ने नई आवाजों को प्रोत्साहित किया और सभी 78 महिला सांसदों को बोलने का मौका दिया। इसके अलावा लोकसभा में 14 भाषाओं में भाषण हुए और पहली बार अनुवाद प्रणाली का पूरा पैनल तैयार किया गया। शाह ने कहा कि लोकसभा की 8000 घंटे की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग को डिजिटल किया गया है और संसद को पेपरलेस बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रमंडल स्पीकर सम्मेलन में ओम बिरला के भाषण की कई देशों के स्पीकरों ने प्रशंसा की थी।
80 प्रतिशत भाषण स्पीकर के आचरण पर नहीं, बल्कि सरकार के विरोध… लोकसभा में अमित शाह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस प्रस्ताव पर दिए गए लगभग 80 प्रतिशत भाषण स्पीकर के आचरण पर नहीं, बल्कि सरकार के विरोध पर केंद्रित रहे। उन्होंने कहा कि सरकार का विरोध करने के लिए कई अन्य संसदीय रास्ते मौजूद हैं, लेकिन विपक्ष ने स्पीकर की गरिमा पर सवाल उठाकर परंपराओं को ठेस पहुंचाई है। डिप्टी स्पीकर के मुद्दे पर भी अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह दावा करती है कि डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष का अधिकार है, जबकि अपने शासनकाल में कांग्रेस ने इस पद को अपने ही सांसद से भर दिया था। शाह ने कहा कि उस समय एसवीके राव, जो कांग्रेस के सदस्य थे, दोनों बार डिप्टी स्पीकर बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि हमने तो कम से कम यह पद विपक्ष के लिए खाली रखा है, लेकिन कांग्रेस ने अपने समय में ऐसा भी नहीं किया।
स्पीकर पद की गरिमा बनी रहनी चाहिए… लोकसभा में अमित शाहलोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रुख पूरी तरह नकारात्मक हो गया है और वह सरकार का विरोध करते-करते देश के हितों का भी विरोध करने लगी है। अमित शाह ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने चीन सीमा पर एक अप्रकाशित किताब का हवाला देकर चर्चा की मांग की थी। शाह ने सवाल उठाया कि अक्साई चिन का क्षेत्र किसके शासनकाल में चीन के कब्जे में गया। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस सरकार के समय हुआ था। इस दौरान अमित शाह ने कांग्रेस नेतृत्व पर चीन को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि जब भारतीय और चीनी सेनाएं सीमा पर आमने-सामने थीं, उस समय विपक्ष के नेता चीनी दूतावास में गुप्त बैठक कर रहे थे। शाह ने कहा कि पहले इसे नकारा गया और बाद में कहा गया कि वे जानकारी लेने गए थे। इस दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2005-06 में राजीव गांधी फाउंडेशन को चीनी दूतावास से 1 करोड़ 35 लाख रुपये का दान मिला था और इसी कारण उसका एफसीआरए लाइसेंस रद्द किया गया। वहीं, अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौते के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इससे भारतीय किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि नुकसान तो उस समय हुआ था जब कांग्रेस सरकार ने डब्ल्यूटीओ समझौतों के जरिए ऐसे फैसले किए थे। अंत में अमित शाह ने कहा कि विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव केवल राजनीतिक लाभ के लिए लाया है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को सदन में बहुमत से खारिज किया जाना चाहिए और ओम बिरला के नेतृत्व में लोकसभा के कार्यकाल के अंत तक स्पीकर पद की गरिमा बनी रहनी चाहिए।