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ट्रंप को ईरान की दो टूक – उप विदेश मंत्री बोले- ‘न्यूयॉर्क का मेयर चुन नहीं सकते, तेहरान पर दावा कर रहे’

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ईरान के उप विदेश मंत्री डॉ. सईद खतीबजादेह ने ट्रंप के उस दावे पर दो टूक जवाब दिया, जिसमें अमेरिका राष्ट्रपति ने कहा कि बिना अमेरिका के हस्तक्षेत्र के ईरान अपना नया सुप्रीम नेता नहीं चुन सकता है। 

नई दिल्ली – ईरान के उप विदेश मंत्री डॉ. सईद खतीबजादेह ने ट्रंप के उस दावे पर दो टूक जवाब दिया, जिसमें अमेरिका राष्ट्रपति ने कहा कि बिना अमेरिका के हस्तक्षेत्र के ईरान अपना नया सुप्रीम नेता नहीं चुन सकता है।

पश्चिम एशिया में अमेरिका और इस्राइल के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान के उप-विदेश मंत्री डॉ. सईद खतीबजादेह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। दिल्ली में रायसीना डायलॉग 2026 में बोलते हुए उन्होंने कहा कि तेहरान के पास आक्रामक शक्तियों के खिलाफ जहां से भी अमेरिकी हमले शुरू हो रहे हैं, उन्हें निशाना बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इसी के साथ उन्होंने ट्रंप पर ईरान के नए सुप्रीम नेता को लेकर दिए बयान पर भी करार हमला बोला।

‘ईरान के अस्तित्व पर हमला’
डॉ. खतीबजादेह ने स्पष्ट किया कि अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त कार्रवाई ईरान के अस्तित्व को समाप्त करने की एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने इस संघर्ष को ‘वीरतापूर्ण, राष्ट्रवादी युद्ध’ बताया, जिसका उद्देश्य आक्रामक शक्तियों को पीछे धकेलना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान को अपनी रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।

ईरानी मंत्री का ट्रंप पर करारा तंज
उप विदेश मंत्री डॉ. सईद खतीबजादेह ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे हैं, जबकि वे न्यूयॉर्क के मेयर की नियुक्ति तक नहीं कर सकते। क्या आप इस औपनिवेशिक रवैये की कल्पना कर सकते हैं? एक ओर वे अपने देश में लोकतंत्र देखना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर वे ईरान के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति को पद से हटाना चाहते हैं।’

अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
ईरान के उप-विदेश मंत्री ने अमेरिका और इस्राइल की कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानदंडों के खिलाफ बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान की ओर से किसी भी प्रकार का उकसावा नहीं हुआ था। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के खिलाफ यह आक्रामकता क्यों शुरू की, और कहा कि अमेरिकी प्रशासन से इस सवाल का जवाब अलग-अलग मिलेगा। उन्होंने इस आक्रामकता के पीछे “सत्ता की राजनीति और ‘ग्रेटर इस्राइल’ के भ्रम” को जिम्मेदार ठहराया।

‘ग्रेटर इस्राइल’ का भ्रम और अमेरिकी उपस्थिति का अंत
खतीबजादेह ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के अस्तित्व को समाप्त करने का फैसला किया है, जबकि इस्राइल दशकों से ‘ग्रेटर इस्राइल’ के अपने भ्रम के कारण इसका वादा करता रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के पास फारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी उपस्थिति को समाप्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।