नई दिल्ली – विपक्षी दल लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को हटाने के लिए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं. द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक में इसको लेकर चर्चा हुई. इसके पीछे कई वजह गिनाई गई हैं. जैसे- राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी गई.
बजट सत्र के पहले सप्ताह के दौरान स्पीकर ओम बिड़ला ने कांग्रेस के सात सांसदों सहित आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित किया. पिछले सप्ताह, कई बार कार्यवाही स्थगित की गई और विपक्षी सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया. सदस्य पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण के अंशों के एक पत्रिका में प्रकाशित होने के बाद 2020 के भारत-चीन संघर्ष के संबंध में सरकार से जवाब मांग रहे थे. अब सवाल उठता है कि लोकसभा स्पीकर को कैसे हटाते हैं और क्या है इसकी पूरी प्रक्रिया.
लोकसभा स्पीकर को हटाने की प्रक्रिया
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि प्रस्ताव संविधान के अनुच्छेद 94-सी के तहत लाया जा रहा है. यह स्पीकर को हटाने, विपक्ष के नेता को धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में बोलने से रोकने, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ कार्रवाई शुरू न करने, कांग्रेस की महिला सांसदों पर निराधार आरोप लगाने और आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित करने के खिलाफ प्रस्ताव लाने का नोटिस देने की तैयारी है.






