मुंबई – महाराष्ट्र में जबरदस्त जीत के बाद महायुति में बाहर से सब कुछ ‘ऑल इज वेल’ दिख रहा है. जीत का जश्न मनाया जा रहा, लेकिन अंदरखाने गठबंधन में जबरदस्त ‘गृहयुद्ध’ छिड़ गया है. एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना खुश होने के बजाय नाराज है. यह नाराजगी इस हद तक बढ़ गई है कि बात दिल्ली दरबार यानी बीजेपी हाईकमान तक पहुंच गई है. सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि मुंबई में उनकी पार्टी को अगर किसी ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है, तो वह कोई और नहीं बल्कि उनकी सहयोगी बीजेपी है.
खबर के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने दिल्ली में बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के सामने एक विस्तृत रिपोर्ट (शिकायत) रखी है. इसमें सबसे अहम मुद्दा उन 30 मुस्लिम बहुल सीटों का है, जिसने शिंदे गुट का खेल खराब किया. शिंदे गुट का आरोप है कि मुंबई की 30 सीटें ऐसी थीं जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या निर्णायक थी.
- बीजेपी को डर था कि मुस्लिम मतदाता उन्हें वोट नहीं देंगे, इसलिए बीजेपी ने रणनीतिक तौर पर ये ‘हारने वाली’ या ‘मुश्किल’ सीटें शिवसेना (शिंदे गुट) के माथे मढ़ दीं.
- खुद तो दूर हो गई: बीजेपी ने खुद इन सीटों पर चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था, जिसका खामियाजा शिंदे गुट को अपने स्ट्राइक रेट में गिरावट के रूप में भुगतना पड़ा.
- 15 सीटों पर भितरघात और 3 पर बगावत: दिल्ली पहुंची शिकायत में सिर्फ मुस्लिम सीटों का ही जिक्र नहीं है, बल्कि ‘भितरघात’ के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं. सूत्रों का कहना है कि शिंदे गुट ने अपनी शिकायत में कहा है:
- 15 सीटों पर धोखा: करीब 15 सीटें ऐसी थीं जहां बीजेपी के स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने गठबंधन धर्म निभाने के बजाय शिवसेना उम्मीदवारों के ‘खिलाफ’ काम किया.
- 3 सीटों पर आमने-सामने: गठबंधन होने के बावजूद 3 सीटों पर बीजेपी ने शिवसेना उम्मीदवारों के खिलाफ अपने प्रत्याशी उतार दिए, जिससे मतों का बंटवारा हुआ.






