नई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच बुधवार को करीब डेढ़ घंटे तक मीटिंग हुई. यह मीटिंग अगले मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) और सूचना आयुक्तों तथा एक सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति को लेकर थी. इस पद के लिए नियुक्ति पैनल की अध्यक्षता पीए मोदी कर रहे थे. पैनल में गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल हैं.
इस बैठक मेंराहुल गांधी ने शॉर्टलिस्ट किए गए नामों पर कड़ा ऐतराज जताया. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने शॉर्टलिस्ट किए गए नामों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के उम्मीदवारों की लगभग अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने बैठक में विस्तृत असहमति पत्र यानी डिसेंट नोट भी सौंपा. राहुल ने कई हफ्ते पहले ही सरकार से आवेदकों की जातिगत संरचना की जानकारी मांगी थी. बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार कुल आवेदकों में महज फीसदी फीसदी और शॉर्टलिस्ट में सिर्फ एक उम्मीदवार ही पिछड़े वर्गों से था.
राहुल गांधी ने कही ये बात
राहुल ने इसे संवैधानिक और स्वायत्त संस्थाओं में एससी, एसटी, ओबीसी, ईबीसी और अल्पसंख्यकों के व्यवस्थित बहिष्कार का हिस्सा बताया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शॉर्टलिस्ट में शामिल कुछ उम्मीदवार अपने पूर्व पदों पर पारदर्शिता के मामले में संदिग्ध रिकॉर्ड रखते हैं और इन नियुक्तियों से सूचना का अधिकार कानून को कमजोर करने की मंशा झलकती है.






