Home देश टिकट कटी तो लालू यादव के बंगले के सामने लोट-लोटकर रोने लगे...

टिकट कटी तो लालू यादव के बंगले के सामने लोट-लोटकर रोने लगे आरजेडी नेता मदन साह, कहा- मांगे थे 2 करोड़ 70 लाख

27
0

पटना – बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सियासी गलियारों में पारा गरमाया हुआ है। धीरे-धीरे सभी राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर रहे हैं। दूसरी ओर टिकट की घोषणा होने के बाद दावेदारों की नाराजगी भी सामने आ रही है। ऐसा ही एक मामला आज राजधानी पटना में देखने को मिला, जहां मधुबन विधानसभा सीट से प्रबल दावेदार मदन साह ने टिकट कटने के चलते लालू यादव के आवास के सामने जमकर हंगामा किया। मदन साह का आरोप है कि टिक के लिए पैसों की डिमांड की गई थी, लेकिन जब पैसे नहीं दिए तो टिकट काटकर किसी और को दे दिया गया। मदन साह के हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सामने आए वीडियो में आप देख सकते हैं कि मदन साह बीच रोड पर रो-रोकर अपना दर्द बयां कर रहे हैं। इस दौरान आप देख सकते हैं कि उनका कपड़ा भी फटा हुआ है। मदन साह ने यह भी आरोप लगाया कि राजद ने उनसे टिकट के बदले पैसे मांगे थे लेकिन जब उन्होंने पैसे नहीं दिए तब पार्टी ने उनका टिकट काटकर संतोष कुशवाहा को दे दिया और उनसे पैसे ले लिए। मदन साह का आरोप है कि टिकट के बदले उनसे 2 करोड़ 70 लाख रुपए मांगे गए। मदन साह ने कहा कि भरोसा अब टूट गया है। मदन साह ने कहा कि लालू जी गरीब के मसीहा और भगवान हैं, मेरे भी गार्जियन हैं। जिस तरह लालू यादव ने पार्टी नहीं बदली उसी तरह हम भी पार्टी नहीं बदले। साल 2020 में लालू प्रसाद यादव ने हमको टिकट दिया था। हम जाकर चुनाव लड़े। वहां राजद का तीस हजार वोट है हमको 70 हजार वोट मिला। 2 हजार वोट से हम हार गए।

मदन साह ने आगे कहा कि हम पैसा नहीं दिए तो हमारा टिकट कट गया। मदन साह ने संतोष कुशवाहा के बारे में कहा कि संतोष कुशवाहा कोई काम नहीं करते हैं। जब उनको साल 2020 में टिकट नहीं मिला तो उन्होंने हमको हराने का काम किया। लालू प्रसाद यादव के लालटेन में बम रख कर उड़ाया है उन्होंने। मदन साह लालू प्रसाद यादव से मिलने की मांग पर अड़े थे। तेजस्वी जी कहते हैं कि हम गरीब के पार्टी है। लालू जी जब तक रहे तब तक यह गरीब की पार्टी थी। अब नहीं है। हम यहां 2 बजे तक बैठे रह गए लेकिन हमको टिकट नहीं मिला है। चुरा कर टिकट दिया गया। लालू जी राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं उनको टिकट देना चाहिए। संजय यादव और तेजस्वी यादव टिकट देता है। हम मर जाएँगे लेकिन यह यहां से नहीं जाएंगे। हमको उनसे मिलवा दीजिए। अगर वो मना कर देंगे तो हम यहां से चले जाएंगे। हमको सिर्फ लालू यादव से मिलना है।

फटे हुए कुर्ते राजद नेता मदन साह कभी जमीन पर लेट जाते तो कभी उठकर रोने लगते। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वहां मौजूद उनके परिजनों को यह डरा सता रहा था कि कहीं उनकी तबीयत ना बिगड़ जाए इसलिए वो उन्हें बार-बार गाड़ी में बैठा कर वहां से ले जाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन वो लगातार फूट-फूट कर रो रहे थे।

RJD Madan Shah Viral Video सामने आए वीडियो में आप देख सकते हैं कि मदन साह बीच रोड पर रो-रोकर अपना दर्द बयां कर रहे हैं। इस दौरान आप देख सकते हैं कि उनका कपड़ा भी फटा हुआ है। मदन साह ने यह भी आरोप लगाया कि राजद ने उनसे टिकट के बदले पैसे मांगे थे लेकिन जब उन्होंने पैसे नहीं दिए तब पार्टी ने उनका टिकट काटकर संतोष कुशवाहा को दे दिया और उनसे पैसे ले लिए। मदन साह का आरोप है कि टिकट के बदले उनसे 2 करोड़ 70 लाख रुपए मांगे गए। मदन साह ने कहा कि भरोसा अब टूट गया है। मदन साह ने कहा कि लालू जी गरीब के मसीहा और भगवान हैं, मेरे भी गार्जियन हैं। जिस तरह लालू यादव ने पार्टी नहीं बदली उसी तरह हम भी पार्टी नहीं बदले। साल 2020 में लालू प्रसाद यादव ने हमको टिकट दिया था। हम जाकर चुनाव लड़े। वहां राजद का तीस हजार वोट है हमको 70 हजार वोट मिला। 2 हजार वोट से हम हार गए।

Story continues below this ad

 

Story continues below this ad

 

मदन साह ने आगे कहा कि हम पैसा नहीं दिए तो हमारा टिकट कट गया। मदन साह ने संतोष कुशवाहा के बारे में कहा कि संतोष कुशवाहा कोई काम नहीं करते हैं। जब उनको साल 2020 में टिकट नहीं मिला तो उन्होंने हमको हराने का काम किया। लालू प्रसाद यादव के लालटेन में बम रख कर उड़ाया है उन्होंने। मदन साह लालू प्रसाद यादव से मिलने की मांग पर अड़े थे। तेजस्वी जी कहते हैं कि हम गरीब के पार्टी है। लालू जी जब तक रहे तब तक यह गरीब की पार्टी थी। अब नहीं है। हम यहां 2 बजे तक बैठे रह गए लेकिन हमको टिकट नहीं मिला है। चुरा कर टिकट दिया गया। लालू जी राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं उनको टिकट देना चाहिए। संजय यादव और तेजस्वी यादव टिकट देता है। हम मर जाएँगे लेकिन यह यहां से नहीं जाएंगे। हमको उनसे मिलवा दीजिए। अगर वो मना कर देंगे तो हम यहां से चले जाएंगे। हमको सिर्फ लालू यादव से मिलना है।

फटे हुए कुर्ते राजद नेता मदन साह कभी जमीन पर लेट जाते तो कभी उठकर रोने लगते। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वहां मौजूद उनके परिजनों को यह डरा सता रहा था कि कहीं उनकी तबीयत ना बिगड़ जाए इसलिए वो उन्हें बार-बार गाड़ी में बैठा कर वहां से ले जाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन वो लगातार फूट-फूट कर रो रहे थे।

ये भी पढ़ें

ONGC Apprentices Recruitment: ओएनजीसी में 2623 पदों पर बंपर भर्ती, बिना किसी एग्जाम के होगा सीधा सिलेक्शन, ऐसे करें अप्लाई 

Indore Kinnar Death News: इंदौर में किन्नरों का फिनाइल पीकर जान लेने की कोशिश का मामला, मामले में नए चहरे की एंट्री, की बड़ी मांग…

 

सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

प्रश्न 1:  आरजेडी नेता मदन साह ने लालू यादव के बंगले के सामने हंगामा क्यों किया?

उत्तर:  मदन साह का मधुबन विधानसभा सीट से टिकट कटने के कारण उन्होंने हंगामा किया और पैसे की मांग का आरोप लगाया।

प्रश्न 2:  मदन साह ने टिकट के बदले कितने पैसे मांगे जाने का आरोप लगाया है?

उत्तर:  मदन साह ने टिकट के बदले 2 करोड़ 70 लाख रुपए मांगे जाने का आरोप लगाया है।

प्रश्न 3:  मदन साह का टिकट काटकर किसे दिया गया है?

उत्तर:  मदन साह का टिकट काटकर संतोष कुशवाहा को दिया गया है।

प्रश्न 4:  मदन साह ने लालू यादव के आवास के सामने किससे मिलने की मांग की?

उत्तर:  मदन साह ने लालू यादव से मिलने की मांग की और कहा कि यदि वह मना कर देंगे तो वह वहां से चले जाएंगे।

प्रश्न 5:  मदन साह ने तेजस्वी यादव और संजय यादव पर क्या आरोप लगाया है?

उत्तर:  मदन साह ने तेजस्वी यादव और संजय यादव पर टिकट वितरण में अनियमितता करने और टिकट चुराकर देने का आरोप लगाया है।

लेखक के बारे में

Deepak Dilliwar

“दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।”

प्रमोटेड कंटेंट