आरोपी की पहचान राकेश किशोर के रूप में हुई है. सुप्रीम कोर्ट में मौजूद पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ की जा रही है. नई दिल्ली जिला के DCP और सुप्रीम कोर्ट के DCP भी मौके पर मौजूद हैं.
CJI के पास पहुंचा आरोपी वकील और…
यह घटना उस वक्त हुई जब सीजेआई की अध्यक्षता वाली बेंच वकीलों के मामलों की सुनवाई के लिए मेंशन सुन रही थी. बताया जा रहा है कि वकील राकेश किशोर जज के डाइस के करीब पहुंचा और जूता उतारकर फेंकने की कोशिश की, हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते उसे रोक लिया. सुरक्षाकर्मी जब आरोपी वकील को पकड़कर बाहर ले जा रहे थे, तब भी वह ‘सनातन का अपमान नहीं सहेंगे’ का नारा लगा रहे थे.
सीजेआई गवई इस पूरी घटना के दौरान शांत बैठे रहें और अदालत की कार्यवाही जारी रखने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता.
खजुराहो मंदिर की खास बातें
खजुराहो मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित प्राचीन और विश्वप्रसिद्ध मंदिर समूह है, जिसे खजुराहो समूह के स्मारक कहा जाता है. इन मंदिरों का निर्माण चंदेल वंश के राजाओं द्वारा 950 से 1050 ईस्वी के बीच कराया गया था. खजुराहो नाम खजूरवाहक शब्द से निकला है, जिसका अर्थ है खजूर के वृक्षों से घिरा स्थान. मूलतः यहां 85 मंदिर थे लेकिन आज लगभग 22 मंदिर शेष हैं. ये मंदिर हिंदू और जैन धर्म दोनों से संबंधित हैं, जो चंदेलों की धार्मिक सहिष्णुता को दर्शाते हैं. यहां मंदिरों का निर्माण शिल्प शास्त्र और वास्तुशास्त्र के सिद्धांतों पर आधारित है. मंदिरों की मूर्तियां केवल शारीरिक सौंदर्य नहीं, बल्कि आत्मिक मुक्ति (मोक्ष) की प्रतीक हैं, मानव जीवन की चार पुरुषार्थों (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) का संगम दर्शाती हैं.