नेशनल हेराल्ड केस पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ईडी से तीखे सवाल पूछे. ये भी पूछा कि अगर कांग्रेस ने लोन माफ कर दिया होता तो क्या होता? इस पर ईडी ने जो जवाब दिया वो बहुत कुछ बताने के लिए काफी है.
नेशनल हेराल्ड केस – में दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हो रही है. इस दौरान कोर्ट ने ईडी से पूछा, अगर कांग्रेस ने यह लोन माफ कर दिया होता तो क्या होता? बैंक भी तो ऐसा करते हैं. कांग्रेस ने लोन माफ कर दिया लेकिन उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया? यह कैसे बाकी कंपनियों से अलग है? ऐसा क्या खास था कि ईडी ने इसे जांचने लायक समझा? पीएसयू यानी सरकारी कंपनियां भी तो करोड़ों रुपये राइट-ऑफ करती हैं.
कोर्ट के इस सवाल पर ईडी के वकील एएसजी वीएस राजू ने जवाब दिया. उन्होंने कहा, बैंकों के पास खुद संपत्ति नहीं होती, इसलिए उन्हें कर्ज देना ही होता है. ऐसी स्थिति में बैंक उधारकर्ता से समझौता करते हैं. लेकिन इस केस में तो 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति उपलब्ध थी. फिर सिर्फ 50 लाख रुपये में 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति क्यों दी गई?
संपत्ति की पूरी वैल्यू
इस पर कोर्ट ने फिर सवाल किया, क्या यह मामला एनपीए (Non Performing Asset) जैसा था? इस पर ED की ओर से पेश वकील राजू ने कहा, नहीं, इस केस में तो संपत्ति की पूरी वैल्यू थी. ईडी की तरफ से पेश वकील ने कोर्ट के सामने दलील देते हुए एक बड़ा संकेत दिया. कांग्रेस पार्टी भी ईडी की जांच के दायरे में आ सकती है, इस संभावना से इनकार नहीं किया गया है.
इस पर कोर्ट ने फिर सवाल किया, क्या यह मामला एनपीए (Non Performing Asset) जैसा था? इस पर ED की ओर से पेश वकील राजू ने कहा, नहीं, इस केस में तो संपत्ति की पूरी वैल्यू थी. ईडी की तरफ से पेश वकील ने कोर्ट के सामने दलील देते हुए एक बड़ा संकेत दिया. कांग्रेस पार्टी भी ईडी की जांच के दायरे में आ सकती है, इस संभावना से इनकार नहीं किया गया है.
कांग्रेस भी बनेगी आरोपी?
ईडी का कहना है कि अभी कांग्रेस को आरोपी नहीं बनाया गया है, लेकिन भविष्य में ऐसा किया जा सकता है. ईडी ने कोर्ट से कहा, अगर AICC यानी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को आरोपी बनाया जाता है, तो राहुल गांधी और सोनिया गांधी की भूमिका उनके खिलाफ पीएमएलए की धारा 70 के तहत मामला मजबूत करने में सहायक हो सकती है. हालांकि, ईडी द्वारा ये स्पष्टीकरण दिया गया कि बिना पुख्ता सबूत के ऐसा कदम नहीं उठाएंगे.
ईडी का कहना है कि अभी कांग्रेस को आरोपी नहीं बनाया गया है, लेकिन भविष्य में ऐसा किया जा सकता है. ईडी ने कोर्ट से कहा, अगर AICC यानी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को आरोपी बनाया जाता है, तो राहुल गांधी और सोनिया गांधी की भूमिका उनके खिलाफ पीएमएलए की धारा 70 के तहत मामला मजबूत करने में सहायक हो सकती है. हालांकि, ईडी द्वारा ये स्पष्टीकरण दिया गया कि बिना पुख्ता सबूत के ऐसा कदम नहीं उठाएंगे.






