नई दिल्ली – चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ SIR से जुड़े फैसलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है। याचिका में मामले की जांच समेत कई मांगें की गई हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े फैसलों को लेकर कथित मतभेद की रिपोर्टों ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
हालिया मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आंतरिक स्तर पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों आयुक्तों ने पिछले करीब 10 महीनों में कम से कम 14 बार ऐसी आपत्तियां दर्ज कीं, जिनमें कुछ फैसलों को उनके संज्ञान के बिना लिए जाने की बात कही गई।
हालांकि, इस पूरे विवाद पर चुनाव आयोग का पक्ष भी सामने आया है। आयोग की ओर से यह कहा गया है कि SIR से जुड़े फैसले तीनों आयुक्तों की सहमति से लिए गए। भाजपा ने भी रिपोर्टों और विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग की प्रक्रिया को कानूनी बताया है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका में क्या मांग?
25 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़े SIR फैसलों की जांच की मांग की गई है। याचिका में विशेष जांच दल यानी SIT से जांच कराने और कुछ आरोपों के संबंध में आपराधिक कार्रवाई की मांग भी की गई है।
इससे पहले भी SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग से संबंधित सवाल उठते रहे हैं। दिल्ली में SIR के दौरान जारी किए गए ‘logical discrepancy’ नोटिसों को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट ने आयोग से उनके आधार और तर्क को स्पष्ट करने को कहा है।
देशभर में विपक्ष का प्रदर्शन
विवाद के बीच कांग्रेस ने 25 सितंबर को देशभर में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी ने अपने राज्य संगठनों को चुनाव आयोग के कार्यालयों तक मार्च निकालने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली में भी चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया।
कांग्रेस के अलावा विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। विभिन्न राज्यों में चुनाव आयोग के दफ्तरों के सामने प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में हटाने का प्रस्ताव लाने की तैयारी
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव लाने की तैयारी की है। कांग्रेस सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि विपक्षी दलों से इस मुद्दे पर संपर्क किया गया है और प्रस्ताव अगले कुछ समय में पेश किया जा सकता है।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया काफी कठोर है। संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत CEC को उसी तरीके और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है, जिस तरीके से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाया जाता है। प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए संसद में निर्धारित संख्या में सदस्यों का समर्थन और बाद में विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है।
राहुल गांधी भी उठा चुके हैं इस्तीफे का मुद्दा
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए और चुनाव आयोग की भूमिका पर विपक्ष की आपत्तियों को दोहराया।
वहीं, भाजपा ने राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों का विरोध किया है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि SIR से जुड़े फैसले बहुमत की प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं और मीडिया रिपोर्ट में संबंधित चुनाव आयुक्तों का प्रत्यक्ष बयान नहीं है।
अब इस पूरे विवाद में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल नई याचिका से न्यायिक स्तर पर भी मामला आगे बढ़ गया है। आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही और चुनाव आयोग की ओर से दिए जाने वाले जवाब पर सबकी नजर रहेगी।



