नई दिल्ली – सिक्किम में भारी बारिश ने जोरदार तबाही मचाई है. भारी बारिश के कारण तीस्ता नदी में उफान आने से उत्तरी पश्चिम बंगाल के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिसके कारण प्रशासन को कलिम्पोंग-दार्जिलिंग मार्ग पर यातायात की आवाजाही रोकनी पड़ी है. अधिकारियों ने भी बीते दिन इस बारे में जानकारी मुहैया कराई थी. साथ ही उत्तरी सिक्किम में भारी भूस्खलन हुआ. भूस्खलन में हुई तबाही में कई लोगों मौत हो गई, जबकि कई लापता बताए जा रहे हैं.
सिक्किम कई इलाके जलमग्न
सिक्किम के हालात के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि बुधवार रात लगातार बारिश के कारण स्थिति और खराब हो गई, क्योंकि दार्जिलिंग और कलिम्पोंग को जोड़ने वाले तीस्ता बाजार और गिल खोला जैसे अन्य इलाकों में कई सड़कें जलमग्न हो गईं, जबकि उफनती तीस्ता नदी के कारण आसपास बने घरों को खतरा पैदा हो गया है. पुलिस बुधवार रात से ही प्रभावित इलाकों में घोषणाएं कर रही है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह कर रही है.
मंगन जिले में 1,500 से अधिक पर्यटक फंसे
लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कें और घर जलमग्न हो रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय पुलिस, नागरिक सुरक्षा दल और एनडीआरएफ को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क किया जा चुका है. उत्तरी सिक्किम के मंगन जिले में लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और 1,500 से अधिक पर्यटक फंस गए.
सिक्किम के पर्यटन स्थल देश के बाकी हिस्सों से कटे
संगकालांग में एक नवनिर्मित बेली पुल ढह गया, जिससे मंगन और द्ज़ोंगू और चुंगथांग के बीच संपर्क टूट गया. भूस्खलन के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गईं और कई घर जलमग्न हो गए या क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि बिजली के खंभे भी बाढ़ में बह गए. मंगन जिले के द्ज़ोंगू, चुंगथांग, लाचेन और लाचुंग जैसे शहर, जो गुरुडोंगमार झील और युंथांग घाटी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के लिए जाने जाते हैं, अब देश के बाकी हिस्सों से कट गए हैं.



