रायपुर – गणेश उत्सव के समापन के साथ रायपुर में प्रतिमा विसर्जन और गणेश झांकी की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहर में 25 सितंबर से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया है। बड़ी प्रतिमाओं के लिए महादेवघाट स्थित विसर्जन कुंड तैयार किया गया है, जबकि छोटी प्रतिमाओं के लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में 43 अस्थायी विसर्जन कुंड बनाए गए हैं।
प्रशासन ने खारून नदी, तेलीबांधा तालाब, बूढ़ातालाब समेत अन्य तालाबों में प्रतिमा विसर्जन पर प्रतिबंध लगाया है। निर्धारित स्थानों के अलावा कहीं और विसर्जन करने पर चालानी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम ने शहर के सभी 10 जोन में विसर्जन स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। महादेवघाट विसर्जन कुंड की निगरानी के लिए विशेष समिति बनाई गई है। यहां 25 सितंबर सुबह 6 बजे से 1 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
महादेवघाट पर गोताखोर, मोटर बोट, एंबुलेंस, मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की गई है। अब तक यहां 150 से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है।
प्रशासन ने गणेश समितियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल निर्धारित विसर्जन स्थलों का ही उपयोग करें। खारून नदी, तेलीबांधा तालाब, बूढ़ातालाब और शहर के अन्य तालाबों में प्रतिमा विसर्जन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
छोटी प्रतिमाओं के लिए बनाए गए 43 अस्थायी कुंडों पर भी निगम कर्मचारियों और गोताखोरों की तैनाती की गई है।
गणेश विसर्जन के दौरान रायपुर में 1000 से अधिक पुलिस जवान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालेंगे। भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर नजर रखने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को सिविल ड्रेस में भी तैनात किया गया है।
महादेवघाट में विसर्जन के बाद वाहनों की वापसी महादेवघाट तिराहा-एनीकट मार्ग-भाठागांव चौक-रिंग रोड-1 के रास्ते होगी। विसर्जन के दौरान शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। मालवाहक वाहनों को रायपुरा चौक पर रोका जाएगा।
अम्लेश्वर से रायपुर आने वाले वाहन अम्लेश्वर-कुम्हारी-टाटीबंध अथवा खुड़मुड़ा-भाठागांव मार्ग से शहर में प्रवेश कर सकेंगे।
गणेश विसर्जन के बाद 27 सितंबर को रायपुर में गणेश झांकियां निकाली जाएंगी। झांकी की शुरुआत शारदा चौक से होगी, जहां समितियों की झांकियों को क्रमांक दिए जाएंगे। इसके बाद जुलूस जयस्तंभ चौक, कोतवाली, सदर बाजार, सत्ती बाजार, कंकाली तालाब, पुरानी बस्ती थाना चौक, लीली चौक, लाखेनगर चौक और सुंदरनगर होते हुए महादेवघाट विसर्जन कुंड पहुंचेगा।
लाखेनगर चौक से महादेवघाट रिंग रोड तक ट्रैफिक वन-वे रहेगा।
पुलिस-प्रशासन ने गणेश समितियों को झांकी के दौरान सुरक्षा संबंधी निर्देश जारी किए हैं। समितियों को पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित वॉलंटियर्स रखने और उन्हें पहचान पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
झांकी में नशे का सेवन, हथियार या धारदार वस्तु ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। डीजे और साउंड सिस्टम का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार करना होगा। झांकी को अनावश्यक रूप से रोकने पर भी रोक रहेगी।
DCP अर्चना झा के अनुसार झांकी के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। पुलिस द्वारा ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी।
बैठक में सदर बाजार के जर्जर भवनों से संभावित खतरे को लेकर भी चर्चा हुई। पुलिस, नगर निगम और SDRF अधिकारियों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रूट में बदलाव का प्रस्ताव रखा था, लेकिन झांकी समितियों के आयोजकों ने रूट बदलने पर सहमति नहीं दी।
आयोजकों ने सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने और साउंड सिस्टम को निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित करने पर सहमति जताई है।



