बिहार में NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों के बीच अब एक नया विवाद सामने आया है। किशनगंज जिले के एक युवक ने दावा किया है कि उसका नाम प्रदर्शन से जुड़े मामले में दर्ज कर दिया गया, जबकि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहा है। युवक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच और एफआईआर से नाम हटाने की मांग की है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
रूस में रहने का दावा, फिर भी दर्ज हो गई FIR
किशनगंज जिले के रहने वाले मोहम्मद सदाकत ने दावा किया है कि पुलिस ने NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में उनका नाम एफआईआर में शामिल कर लिया, जबकि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहे हैं। मोहम्मद सदाकत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने कहा है कि वह पिछले चार महीने से रूस में हैं और 25 जुलाई को बहादुरगंज में हुए प्रदर्शन के दौरान भारत में मौजूद ही नहीं थे। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
एफआईआर से नाम हटाने और निष्पक्ष जांच की मांग
वीडियो में सदाकत ने सवाल उठाया कि जब वह देश में ही नहीं थे, तो उनके खिलाफ मामला कैसे दर्ज कर दिया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और एफआईआर से अपना नाम हटाने की मांग की है।
एसपी ने क्या कहा?
इस मामले पर किशनगंज के पुलिस अधीक्षक हरि मोहन शुक्ला से संपर्क किया गया। उन्होंने सदाकत के दावे की न तो पुष्टि की और न ही उसका खंडन किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन से जुड़े मामलों में यदि किसी को कोई शिकायत है, तो वह पुलिस के पास आकर अपनी बात रख सकता है। उसकी शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने वापस लेने का किया है फैसला
बिहार सरकार ने सोमवार को घोषणा की थी कि NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्ज सभी मामलों को वापस लिया जाएगा और गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाएगा। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 26 जुलाई सुबह 6 बजे से पहले हुई घटनाओं से संबंधित सभी एफआईआर, शिकायतें और कारण बताओ नोटिस वापस लिए जा रहे हैं। इसके साथ ही इन मामलों में गिरफ्तार लोगों को भी तत्काल रिहा करने का फैसला लिया गया है।