भोपाल – मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया है. राज्य के राजस्व मंत्री और इछावर से विधायक करण सिंह वर्मा ने कथित तौर पर सार्वजनिक मंच से लाड़ली बहना योजना की हितग्राहियों को परोक्ष रूप से धमकी दी. धामंदा गांव में नए उप स्वास्थ्य केंद्रों के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान वर्मा ने कहा कि जो महिलाएं सरकारी कार्यक्रमों में नहीं आएंगी, उनके नाम योजना से हटाए जा सकते हैं.
मंच से बोलते हुए मंत्री ने कहा कि धामंदा गांव में 894 लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपये दिए जा रहे हैं, देखिए कितनी बहनें यहां आई हैं. अब मैं सीईओ मैडम से कहूंगा कि एक दिन सबको बुलाएं, जो नहीं आएंगे उनके नाम काट दिए जाएंगे. यहां से रिपोर्ट भेजी जाएगी. इसके बाद उन्होंने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि बहनों, कांग्रेस के राज में पैसा नहीं मिलता था,” और केंद्र सरकार का जिक्र करते हुए बोले कि प्रधानमंत्री दिल्ली से गेहूं भेज रहे हैं और किसानों के खातों में पैसा डाल रहे हैं, फिर भी लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं.
इन बयानों पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. कांग्रेस ने इसे कल्याणकारी योजना के नाम पर दबाव बनाने की राजनीति बताया है और चेतावनी दी है कि सामाजिक सुरक्षा की योजना को आज्ञापालन का औजार बनाया जा रहा है. कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता ने सत्तारूढ़ दल पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि ऐसे बयान बेहद खतरनाक सोच को दर्शाते हैं.
भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि बीजेपी सरकार में सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों से ऐसे बात की जा रही है जैसे उन पर कोई एहसान किया जा रहा हो. यह सोच तानाशाही से कम नहीं है. धमकी दी जा रही है कि पैसा छीन लिया जाएगा, जबकि कानूनन ऐसा नहीं किया जा सकता. मंत्री संविधान की शपथ लेते हैं और अगर वे इस तरह की धमकी देते हैं तो यह संविधान की शपथ का उल्लंघन है. ऐसे मंत्रियों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बर्खास्त किया जाना चाहिए. यह मंत्रियों का निजी पैसा नहीं है.






