जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए हमले के विरोध और छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई शीर्ष नेताओं के साथ पीएम आवास के पास अचानक धरने पर बैठ गए. उन्होंने छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह उन्हें मिलने पहुंचे.
नई दिल्ली – दिल्ली की सत्ता के सबसे ताकतवर केंद्र यानी 7 लोक कल्याण मार्ग (पीएम आवास) के मुहाने पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस के दिग्गजों की पूरी फौज अचानक सड़क पर उतर आई. सभी नेता वहां वहां जमीन पर आ बैठे. जंतर-मंतर पर बेकसूर छात्रों की पीठ पर पड़ी लाठियों की गूंज पीएम आवास तक पहुंची. राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई में शीर्ष नेतृत्व ने सीधे हुंकार भरते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग उठाई. देखते ही देखते सड़क छावनी में तब्दील हो गई और पुलिस की गाड़ियां दौड़ीं. कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को खींच-खींचकर बसों में वहां से लेजाया गया.
पीएम आवास पर राहुल गांधी का प्रदर्शन 
पुलिस से बचने के लिए जमीन पर लेट गए राहुल: पीएम आवास के बाहर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. जब दिल्ली पुलिस के जवान राहुल गांधी को हिरासत में लेने के लिए आगे बढ़े तो वह अचानक सड़क पर लेट गए. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें सड़क से उठाया और वहां मौजूद अन्य विपक्षी नेताओं के साथ जबरन गाड़ी में बिठाकर हिरासत में ले लिया. इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई.
पुलिस खाली करा रही पीएम आवास: प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के धरने में उस वक्त सियासी हलचल तेज हो गई जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी राहुल गांधी के समर्थन में मौके पर पहुंचे. अखिलेश के पहुंचते ही पुलिस एक्शन में आ गई और सुरक्षा बल के जवानों ने बल प्रयोग करते हुए राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को जबरन वहां से हटाना शुरू कर दिया.
राहुल के धरने में पहुंचे अखिलेश यादव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हटाना शुरू कर दिया है. छात्रों के मुद्दे पर जारी इस प्रदर्शन में विपक्षी एकजुटता का नजारा तब देखने को मिला जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी कुछ ही देर पहले एकजुटता जताने प्रदर्शन स्थल पर पहुँचे।
जितेंद्र सिंह का आरोप- राहुल बात से मुकरे: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के अचानक धरने पर बैठने के बाद सरकार ने गृह सचिव गोविंद मोहन के साथ उन्हें बातचीत के लिए भेजा. राहुल गांधी ने शुरुआत में शर्त रखी कि सरकार संसद में NEET और उससे जुड़े आंदोलन पर चर्चा के लिए तैयार हो तो धरना खत्म कर देंगे. सरकार से मंजूरी मिलने पर जब उन्हें चर्चा का आश्वासन दिया गया तो राहुल गांधी अपनी बात से मुकर गए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की नई मांग जोड़ दी. गृह सचिव के मना करने पर उन्होंने अपनी मर्जी चलाने की बात कही. डॉ. जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी के इस रवैये को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत बताया.
जितेंद्र सिंह की शाह संग बैठक: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी से मुलाकात के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह के साथ उच्चस्तरीय बैठक की. माना जा रहा है कि प्रदर्शन खत्म कराने और गतिरोध को सुलझाने के लिए रणनीति पर चर्चा हुई है. सरकार इस पूरे मामले को जल्द शांत करने की कोशिश में जुटी है.
राहुल से मिलने पहुंचे जितेंद्र सिंह: लोक कल्याण मार्ग पर कांग्रेस के जारी उग्र प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह खुद मौके पर पहुंचे. उन्होंने वहां मौजूद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से सीधे बातचीत की. माना जा रहा है कि सरकार की ओर से गतिरोध सुलझाने और स्थिति को शांत करने की कोशिश की जा रही है.
संसद अवास पर पहुंची पैरामिलिट्री फोर्स: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लोक कल्याण मार्ग पर कांग्रेस नेताओं का उग्र प्रदर्शन जारी है. बिगड़ते हालात और सुरक्षा को देखते हुए मौके पर पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती कर दी गई है। पीएम आवास के बाहर सुरक्षा बल पूरी तरह अलर्ट पर हैं.
छात्रों पर कार्रवाई के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान: हिरासत में लिए गए विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे छात्रों के साथ हुई बर्बरता और उनकी मांगों की अनदेखी पर शांत नहीं बैठेंगे. नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों पर पुलिस के हमले और दमन के बावजूद प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पूरी तरह चुप हैं, जबकि विपक्ष इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेगा.
प्रदर्शनकारी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया डिटेन: लोक कल्याण मार्ग पर उग्र प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने ऐक्शन लेते हुए कांग्रेस के कई बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए जाने के दौरान पंजाब कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष चरणजीत सिंह चन्नी और कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे तानाशाही रवैया करार दिया और आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने को तैयार नहीं है.
PM आवास पर कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व का धरना: जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा समेत कई दिग्गज नेता लोक कल्याण मार्ग पर पीएम आवास के पास अचानक धरने पर बैठ गए. कांग्रेस नेता प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं





