दिल्ली के कैलाश हिल्स में IRS अधिकारी की बेटी की हत्या और दुष्कर्म मामले में आरोपी ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उसने पहले लैंप से हमला कर युवती को बेहोश किया, फिर वारदात को अंजाम दिया. इसके बाद वह उसे नीचे घसीटकर बायोमेट्रिक लॉकर खोलने की कोशिश करता रहा. जब लॉकर नहीं खुला तो उसने उसे तोड़कर नकदी और जेवरात लूट लिए. आरोपी को ऑनलाइन जुए की लत थी और वह कर्ज में डूबा था. पुलिस ने तकनीकी जांच और CCTV के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ जारी है. साथ ही एक और बात सामने आई है कि उसने एक गलती कि वह थी ट्रेन छोड़ना. अगर वह ट्रेन पकड़ लेता तो फरार हो जाता.
दिल्ली के अमर कॉलोनी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. आरोपी की निशानदेही पर एक लाख से ज्यादा कैश और हत्या के बाद लूटी गई ज्वेलरी बरामद कर ली गई है. यह बरामदगी द्वारका के उसी होटल से हुई, जहां से आरोपी को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी के साथ होटल में पूरे घटनाक्रम का नाट्यरूपांतरण भी किया, ताकि सीक्वेंस स्पष्ट हो सके. पूछताछ में आरोपी अब तक दो रेप की वारदात कबूल कर चुका है. इसके अलावा पुलिस ने उन लोगों की भी पहचान कर ली है, जिनसे आरोपी ने कर्ज लिया हुआ था, इससे उसकी आपराधिक मंशा और आर्थिक दबाव की कड़ी भी सामने आई है.
जस्थान और दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार जांच में आरोपी का व्यवहार बेहद चिंताजनक पाया गया है और वह हिंसक प्रवृत्ति का नजर आ रहा है. शुरुआती पड़ताल में उसके गांव में भी उसकी छवि अच्छी नहीं बताई गई है. स्थानीय लोगों के मुताबिक वह और उसका पिता दोनों ही आसपास के लोगों के बीच बदनाम रहे हैं, पिता को शराब की लत थी और आरोपी खुद भी गलत संगत में रहने वाला माना जाता था. इसके अलावा उसे तीन पत्ती समेत कई ऑनलाइन गेम्स की लत थी, जिसने उसकी आर्थिक और मानसिक स्थिति पर असर डाला. पुलिस अब उसके पूरे आपराधिक और सामाजिक इतिहास को खंगाल रही है, ताकि केस को मजबूत बनाया जा सके और अदालत में पुख्ता चार्जशीट पेश की जा सके.
इस पूरे मामले में आरोपी की सबसे बड़ी गलती ट्रेन छूटना और उसके बाद द्वारका के होटल में रुकने का फैसला था. अगर वह समय पर ट्रेन पकड़ लेता, तो शायद दिल्ली से बाहर निकल जाता और पुलिस के लिए उसकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो जाता. लेकिन ट्रेन छूटने के बाद उसने जल्दबाजी में होटल लिया और वहां अपनी पहचान के लिए आईडी दी. यही कदम उसके खिलाफ सबसे बड़ा सबूत बन गया. होटल के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और WiFi इस्तेमाल की डिजिटल ट्रेल ने पुलिस को सीधा उसकी लोकेशन तक पहुंचा दिया. यानी जो जगह उसने छिपने के लिए चुनी, वही उसकी गिरफ्तारी का सबसे मजबूत कारण बन गई
- पुलिस की जांच में क्या मिला
- घटना सुबह करीब 6:40 बजे की है जब आरोपी घर में दाखिल हुआ. युवती उस समय पढ़ाई कर रही थी. आरोपी ने बहाना बनाया कि उसे बकाया सैलरी लेने के लिए भेजा गया है. लेकिन कुछ ही मिनटों में स्थिति हिंसक हो गई. पुलिस के अनुसार उसने पहले हमला किया और फिर वारदात को अंजाम दिया. इसके बाद उसने लॉकर खोलने के लिए घायल युवती को नीचे घसीटा, लेकिन बायोमेट्रिक सिस्टम काम नहीं कर पाया. आखिरकार उसने औजार से लॉकर तोड़कर नकदी और जेवरात लूट लिए.
- जांच में सामने आया कि आरोपी को ऑनलाइन जुए की लत थी और उस पर करीब 7 लाख रुपये का कर्ज था. पुलिस को शक है कि यही आर्थिक दबाव इस अपराध की बड़ी वजह बना. आरोपी पहले भी घर में काम कर चुका था और उसे घर की हर जानकारी थी. नौकरी से निकाले जाने के बाद वह इसे अपमान मान बैठा और बदला लेने की नीयत से वापस लौटा.






