आज हम आपको एक ऐसे हैवान की कहानी बताने जा रहे हैं जिसने करीब 24 सालों तक अपनी बेटी को अपने ही घर के नीचे बनी एक काल कोठरी में कैद रखा, इतना ही नहीं इन 24 सालों में उसने अपनी बेटी के साथ हजारों बार रेप किया.
देश-दुनिया में कई ऐसा अपराधी हुए, जिनके बारे में सुन लोगों का इंसानियत से भरोसा उठ जाता है. आज हम आपको एक ऐसे ही हैवान की कहानी बताने जा रहे हैं जिसने करीब 24 सालों तक अपनी बेटी को अपने ही घर के नीचे बनी एक काल कोठरी में कैद रखा, इतना ही नहीं इन 24 सालों में उसने अपनी बेटी के साथ हजारों बार रेप किया.
ये कहानी है ऑस्ट्रिया के एम्स्टेटन के रहने वाले दरिंदे जोसेफ फ्रिट्जल की, जिसने अपनी ही बेटी एलिजाबेथ फ्रिट्जल को कुल 24 सालों तक एक कैदखाने में कैद रखा और उसके साथ रेप किया. इस दौरान एलिजाबेथ अपने ही पिता के 7 बच्चों की मां बनी.
24 साल तक बेटी का किया रेप
जोसेफ ने अपनी ही बेटी एलिजाबेथ को 18 साल की उम्र से लेकर 42 साल की उम्र तक एक तहखाने में बंद रखा. उसने हजारों बार उसका बलात्कार किया. जिससे एलिजाबेथ अपने ही पिता के 7 बच्चों को जन्म दिया. जोसेफ ने एलिजाबेथ के तीन बच्चों को उसी के साथ कैद में रखा गया. वहीं एक बच्चे की जन्म होते ही मौत हो गई, जबकि तीन को जोसेफ अपने घर में अपनी पत्नी के साथ पालने लगा. उसने लोगों से कहा कि ये बच्चे कोई उसके घर के बाहर छोड़ गया था.
जोसेफ ने अपनी ही बेटी एलिजाबेथ को 18 साल की उम्र से लेकर 42 साल की उम्र तक एक तहखाने में बंद रखा. उसने हजारों बार उसका बलात्कार किया. जिससे एलिजाबेथ अपने ही पिता के 7 बच्चों को जन्म दिया. जोसेफ ने एलिजाबेथ के तीन बच्चों को उसी के साथ कैद में रखा गया. वहीं एक बच्चे की जन्म होते ही मौत हो गई, जबकि तीन को जोसेफ अपने घर में अपनी पत्नी के साथ पालने लगा. उसने लोगों से कहा कि ये बच्चे कोई उसके घर के बाहर छोड़ गया था.
बेटी को कैसे कैद किया?
जोसेफ ने एलिजाबेथ को बंदी बनाने से कई साल पहले घर और बगीचे के नीचे एक तहखाने का कंस्ट्रक्शन शुरू कर दिया था. उसने उसका आखिरी दरवाजा फिट करने के लिए अपनी 18 साल की बेटी एलिजाबेथ से मदद मांगी. वह जैसे ही तहखाने के पास पहुंची तो जोसेफ ने उसके मुंह पर ईथर से भीगा हुआ कपड़ा रखा और उसे तहखाने में बंद कर दिया. क्योंकि एलिजाबेथ पहले एक बार घर से भाग चुकी थी, और उसकी मां ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. यही कारण था कि लोगों ने जोसेफ की कहानी पर आसानी से विश्वास कर लिया. उसने लोगों से कहा कि उसकी बेटी किसी धार्मिक संगठन में शामिल होने के लिए भाग गई है.
जोसेफ ने एलिजाबेथ को बंदी बनाने से कई साल पहले घर और बगीचे के नीचे एक तहखाने का कंस्ट्रक्शन शुरू कर दिया था. उसने उसका आखिरी दरवाजा फिट करने के लिए अपनी 18 साल की बेटी एलिजाबेथ से मदद मांगी. वह जैसे ही तहखाने के पास पहुंची तो जोसेफ ने उसके मुंह पर ईथर से भीगा हुआ कपड़ा रखा और उसे तहखाने में बंद कर दिया. क्योंकि एलिजाबेथ पहले एक बार घर से भाग चुकी थी, और उसकी मां ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. यही कारण था कि लोगों ने जोसेफ की कहानी पर आसानी से विश्वास कर लिया. उसने लोगों से कहा कि उसकी बेटी किसी धार्मिक संगठन में शामिल होने के लिए भाग गई है.





