न्यूयॉर्क – न्यूयॉर्क सिटी ने इतिहास रच दिया है. भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट जोहरान ममदानी ने मंगलवार रात न्यूयॉर्क के मेयर चुनाव में जीत दर्ज की है. जोहरान ममदानी ने इसके साथ ही शहर के सबसे युवा मेयर बनने का गौरव हासिल किया. इतना ही नहीं, ममदानी पहले मुस्लिम और दक्षिण एशियाई मूल के प्रवासी भी हैं, जिन्होंने यह पद हासिल किया है.
लेकिन ममदानी की जीत जितनी ऐतिहासिक थी, उतनी ही भावनात्मक भी. जैसे ही नतीजे घोषित हुए और वह विजेता घोषित हुए, उन्होंने मंच से जो शब्द बोले, उन्होंने न्यूयॉर्क के साथ भारत की आज़ादी के इतिहास की याद भी ताजा कर दी.
ममदानी ने चुनाव जीत पर क्या कहा?
अपने समर्थकों के बीच जोहरान ममदानी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के प्रसिद्ध भाषण ‘Tryst with Destiny’ का हवाला देते हुए कहा… ‘आपके सामने खड़े होकर मुझे जवाहरलाल नेहरू के शब्द याद आते हैं – इतिहास में कभी-कभी ऐसा क्षण आता है जब हम पुराने से नए युग में कदम रखते हैं, जब एक युग समाप्त होता है और जब एक राष्ट्र की लंबे समय से दबाई गई आत्मा को अभिव्यक्ति मिलती है. आज रात, न्यूयॉर्क ने वही किया है. हमने पुराने से नए युग में कदम रख लिया है.’
ममदानी ने कहा कि यह सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि ‘नए युग की शुरुआत’ है… एक ऐसा दौर जो ‘स्पष्टता, साहस और विजन’ की मांग करता है, न कि बहानों की.
ममदानी के लिए गेमचेंजर बने ये वादे…
ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव में 50.4 प्रतिशत वोट हासिल किए. उन्होंने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस सिल्वा को मात दी. उन्होंने अपने पूरी चुनावी मुहिम को आम लोगों की आर्थिक तकलीफों और जीवनयापन के संकट पर केंद्रित रखा. उनका वादा था कि वे किराएदारों के लिए रेंट फ्रीज़, सस्ती आवास योजनाएं, फ्री चाइल्ड केयर, तेज और मुफ्त बस सेवा, और महंगे खाद्य पदार्थों से निपटने के लिए सरकारी स्वामित्व वाले ग्रॉसरी स्टोर जैसी पहल शुरू करेंगे. अमीरों पर अधिक कर (टैक्स हाइक) लगाना भी उनके एजेंडे में शामिल था.
ब्रुकलिन स्थित उनके कैंपेन ऑफिस में जैसे ही जीत की घोषणा हुई, उनके समर्थक ‘Yes We Did!’ के नारों के साथ झूम उठे.
ट्रंप की कैसे बढ़ गई टेंशन
अमेरिकी राजनीति में ममदानी की यह जीत ऐसे वक्त हुई है, जब ट्रंप कैंप की नीतियों और MAGA (Make America Great Again) विचारधारा को जनता ने खारिज कर दिया. अमेरिकी सीनेट के माइनॉरिटी लीडर चक शूमर ने कहा, ‘आज के नतीजे ट्रंप एजेंडा के प्रति जनता का सीधा अस्वीकार हैं. अमेरिका आगे बढ़ चुका है, जो ट्रंप की अराजकता में रहना चाहते हैं, रह सकते हैं.’
वहीं रिपब्लिकन पार्टी की इस हार के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि, ‘रिपब्लिकन इसलिए हारे क्योंकि TRUMP बैलेट पर नहीं था और सरकार बंदी का माहौल था.’
जोहरान ममदानी की यह जीत केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदेश भी है. भारतीय मां की कोख से जन्में एक मुस्लिम नेता की जीत, जिसने नेहरू के शब्दों को फिर से जिंदा किया और बताया कि ‘पुराने से नए युग में प्रवेश’ की भावना आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी 1947 में थी.






