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NCRB के आंकड़ों में ऑनलाइन सट्टा, जुआ में छत्तीसगढ़ नंबर वन, महिला अपराधों में भी टॉप 10 में शामिल

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दुष्कर्म और भ्रूण हत्या में देश में 8 वां स्थान छत्तीसगढ़ का है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों पर कांग्रेस हमलावर है.

रायपुर – नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा साल 2023 के जारी किए गए आंकड़ों में छत्तीसगढ़ 3 मामलों में देश में पहले स्थान पर है. हालांकि एक मामले को लेकर सरकार की ओर से चलाए जा रहे अभियान का असर है. लेकिन बाकी 2 मामले छत्तीसगढ़ के लिए सही संकेत नहीं हैं. ऑनलाइन सट्टा-जुआ के मामले में छत्तीसगढ़ पहले स्थान पर है. पूरे देश में सबसे ज्यादा मामले इसी राज्य में दर्ज हैं. वहीं बुजुर्गों के खिलाफ अपराध और हत्या के मामले में भी छत्तीसगढ़ आगे है. नक्सलियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन में भी राज्य पूरे देश में सबसे आगे है.

क्या कहते हैं NCRB के आंकड़े

 आंकड़ों के आधार पर देखा जाए तो ऑनलाइन सट्टा-जुआ के छत्तीसगढ़ में कुल 52 एफआईआर दर्ज हैं. देश में दूसरे स्थान पर मध्य प्रदेश है. महाराष्ट्र इस मामले में तीसरे स्थान पर है. इस बार के जारी एनसीआरबी के आंकड़ों में बुजुर्गों के लेकर होने वाले अपराध के मामले में भी छत्तीसगढ़ का स्थान आगे है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट-2023 के अनुसार देश के गिने-चुने राज्यों में ही ऑनलाइन सट्टा-जुआ पर कार्रवाई चल रही है. इसमें छत्तीसगढ़ पहले पायदान पर है. रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश भर में 2023 में 67961 केस दर्ज हुए हैं. 2022 में 73822 और 2021 में 70519 केस दर्ज हुए थे. यदि अपराध के तरीकों के अनुसार देखें तो चाकूबाजी की घटना में राज्य 14 वें स्थान पर है जबकि सड़क हादसे में राज्य पूरे देश में 12वें स्थान पर है.

चाकूबाजी की घटनाएं

राज्य में चाकूबाजी की 1571 घटनाएं दर्ज हुई हैं. इस घटना को अंजाम देने में कुल 1613 अपराधी पकड़े गए हैं. इसमें राज्य 14वें नंबर पर है. इसमें हत्या के 958 और हत्या की कोशिश के 687 केस दर्ज हुए हैं.

बच्चों के खिलाफ अपराध

बच्चों के खिलाफ 5904. घटनाएं हुई. 2022 में 6177 थी. पॉक्सो एक्ट के 1989, साइबर क्राइम के 202, गुम बच्चे के 88 और अपहरण के 1725 केस पूरे राज्य में दर्ज हुए हैं.

सड़क हादसे में 12वां स्थान

सड़क हादसों में छत्तीसगढ़ 12वें स्थान पर है. 2023 में 5193 सड़क हादसे हुए. इसमें 6020 लोगों की मौत हुई. इनमें हिट एंड रन के 2072 केस हैं.

बच्चों की गुमशुदगी

राज्य में 2023 में 4962 बच्चे गुमशुदा हैं. गायब होने वालों में 908 लड़कियां और 4054 लड़के हैं. इनमें से 4250 बच्चों को खोजा गया है जबकि मानव तस्करी के कुल 22 केस हैं.

पर्यावरण से जुड़े अपराध

2023 में 229 केस दर्ज हुए. जबकि 2022 में 87 थे. इसमें राज्य का 12वें स्थान पर है. इनमें ध्वनि प्रदूषण के 187, सिगरेट और तंबाकू से जुड़े 31 केस दर्ज किए गए हैं.

बुजुर्ग राज्य में सुरक्षित नहीं

73 बुजुर्गों पर जानलेवा हमले हुए हैं जिसमें उनकी मौत हुई है. इसमें हत्या दर (प्रति एक लाख लोगों पर) 3.6 रही, जबकि राष्ट्रीय औसत 1.2 से तीन गुना ज्यादा है. वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ राज्य में अपराध की दर 89.7 प्रति लाख है, जो राष्ट्रीय औसत 76.3 से 13.5 अधिक है. पूरे देश में बुजुर्गों पर अपराध के मामले की बात करें तो इसमें मामूली कमी आई है. 2022 में 28545 मामले पूरे देश में दर्ज हुए थे जो घटकर 2023 में 27886 हो गए. वहीं, छत्तीसगढ़ में यह बढ़ा है. छत्तीसगढ़ में 2021 में 1408 और 2022 में 1632 मामले दर्ज हुए थे 2023 में 1798 मामले दर्ज किए गए.

राज्य में साइबर क्राइम और फ्रॉड लगातार बढ़ा है. 2023 में 473 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि 2022 में 439 और 2021 में 352 केस दर्ज हुए थे. साइबर क्राइम राज्य देश में 18वें स्थान पर है. इसमें चाइल्ड पोर्नोग्राफी के 293, नाबालिग से जुड़े 185, ऑनलाइन बैंकिंग के 15, ठगी के 36 और धोखा या छल के 44 केसेस हैं. महिलाओं से जुड़ी 242 घटनाएं हुई. यौन उत्पीड़न के 195 और बच्चों से संबंधित 193 मामले हैं.

आर्थिक अपराध कम

 2023 में 1912 मामले दर्ज हुए. 2022 में 1936 थे. इसमें गबन के 191, ठगी के 1,708 और प्रॉपर्टी विवाद के 1698 मामले शामिल हैं.

भ्रष्टाचार के केस

2023 में भ्रष्टाचार का एक भी केस दर्ज नहीं हुआ. 2022 में 13 और 2021 में 26 मामले दर्ज हुए. इनमें से 53 मामलों की जांच जारी है. 80 मामलों में चार्जशीट पेश की गई. 45 मामलों की जांच लंबित है. भ्रष्टाचार के 217 मामलों में सुनवाई चल रही है. कोर्ट ने 7 मामलों में दोषी ठहराया है। जबकि 10 मामलों में आरोपियों को बरी किया गया.

नक्सलियों से मुठभेड़

 नक्सलियों के खिलाफ हत्या के 56 केस दर्ज हुए. हत्या की कोशिश के 102 और अपहरण के 4 केस दर्ज किए गए. झारखंड में 10 और महाराष्ट्र में 5 केस दर्ज हुए. 2023 में राजद्रोह के 7 मामले दर्ज हुए. 2022 में 10 और 2021 में 6 मामले थे. 56 मामलों का ट्रायल चल रहा है.

महिला अपराधों में टॉप 10 में छत्तीसगढ़

 छत्तीसगढ़ महिला अपराध के मामले में टॉप टेन में शामिल है. दुष्कर्म के मामलों में छत्तीसगढ़ देश में 8वें स्थान पर है. 2023 में 1171 मामले दर्ज हुए. इनमें 18 से अधिक उम्र की 77 और नाबालिग लड़कियों से जुड़े 43 मामले शामिल हैं. महिला हमले के मामलों में छत्तीसगढ़ पूरे देश में 13वें स्थान पर है. इसमें 1034 केस दर्ज है. छेड़खानी के 724 और सेक्सुअल हैरेसमेंट के 207 मामले सामने आए. भ्रूण हत्या के 61 मामले दर्ज है. देश में यह 8वा स्थान है.

कानून व्यवस्था पर निशाना

 एनसीआरबी की रिपोर्ट के लेकर कांग्रेस के तरफ से यह कहा गया कि राज्य की कानून व्यवस्था बिगड़ गई है. अपराधी सरकार के नियंत्रण के बाहर हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने ने राज्य में गौ तस्करी के मामलों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा था कि भाजपा सरकार उसे रोक पाने में पूरी तरह से फेल हो गई है.

बीजेपी का पलटवार

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने छत्तीसगढ़ के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस के जिम्मेदार बताया. प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने कहा कि अपनी तत्कालीन सरकार के नाकारापन को रेखांकित करती इस रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस नेता झूठ फैलाकर अपने अराजकतावादी एजेंडे को आगे बढ़ाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेसियों को भूलना नहीं चाहिए कि यह रिपोर्ट 2023 की है और तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी.