जगदलपुर – ”जबतक सूरज चांद रहेगा, अमर शहीद रंजीत कश्यप तेरा नाम रहेगा”. आज जैसे ही बालेंगा के अमर शहीद की अंतिम यात्रा निकली, पूरा बस्तर उनके अंतिम दर्शनों के लिए सड़कों पर उतर पड़ा. कोई हाथों में फूल लिए तो कोई आंखों में आंसू लिए शहीद को नमन करने पहुंचा. लोगों ने तिरंगे में लिपटे बस्तर के लाल को नम आंखों से अंतिम विदाई दी. ऐसा लगा जैसे पूरा बस्तर शहीद जवान के सम्मान में सड़कों पर पलकें बिछाए खड़ा हो. शहीद जवान रंजीत कश्यप को जब जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया तो हजारों नम आंखों ने भारत माता की जय के नारे के साथ उनको अनंत यात्रा के लिए विदा किया.
मणिपुर में शहीद हुए रंजीत कश्यप
असम रायफल में तैनात जवान अपनी ड्यूटी से वापस लौट रहे थे. इसी दौरान मणिपुर के उग्रवादियों ने जवानों पर गोलियों की बौछार कर दी. जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए उग्रवादियों पर जवाबी हमला बोला. उग्रवादियों के हमले में जवान रंजीत कश्यप शहीद हो गए. घर वालों को जैसे ही असम रायफल की ओर से सूचना दी गई कि रंजीत कश्यप शहीद हो गए हैं. पूरा बस्तर गम में डूब गया. गांव वाले बताते हैं कि रंजीत काफी मिलनसार थे. जब भी वो छुट्टियों में घर आते युवाओं को सेना और अर्धसैनिक बल में जाने के लिए प्रेरित करते. बालेंगा गांव के युवा भी रंजीत कश्यप के व्यवहार की तारीफ करते नहीं थकते. रंजीत अक्सर गांव के युवाओं को सेना में भर्ती के टिप्स भी दिया करते.
शहीद की अंतिम विदाई में रो पड़ा पूरा बस्तर
बस्तर के शहीद जवान रंजीत की अंतिम यात्रा की खबर जैसे ही इलाके में हुई. लोग खुद ब खुद घरों से निकलकर बालेंगा गांव पहुंच गए. शहीद की अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक लखेश्वर बघेल, जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर हरीश एस और एसपी शलभ सिन्हा पहुंचे.






