अब AI सोचेगा इंसानों की तरह! जानें China Innovation की ‘डार्विन मंकी’ टेक्नोलॉजी।
अगर आप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रुचि रखते हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत खास है। China Innovation ने एक बार फिर दुनिया को हैरान कर दिया है। चीनी वैज्ञानिकों ने एक ऐसा सुपरकंप्यूटर विकसित किया है, जो बिल्कुल इंसानी दिमाग की तरह काम करता है। इसका नाम ‘डार्विन मंकी’ रखा गया है। यह कंप्यूटर एआई की दुनिया में एक नई क्रांति ला सकता है।
“डार्विन मंकी” क्या है?
यह सुपरकंप्यूटर एक न्यूरोमॉर्फिक चिप पर आधारित है। यह China Innovation 20 अरब से ज्यादा एआई न्यूरॉन्स, और 100 अरब से अधिक सिनैप्स से मिलकर बना है। सिनैप्स वे कनेक्शन होते हैं जो न्यूरॉन्स के बीच संचार को संभव बनाते हैं। इसे झेजियांग यूनिवर्सिटी के डेवलपर्स ने तैयार किया है। इस कंप्यूटर को ‘स्पाइकिंग न्यूरल, नेटवर्क’ तकनीक पर बनाया गया है। यह टेक्नोलॉजी इंसानी दिमाग के जैविक, न्यूरॉन्स की नकल करती है।
इंसानी दिमाग जैसा काम करता है यह कंप्यूटर
‘डार्विन मंकी’ की, सबसे बड़ी खासियत इसकी सोचने और, समझने की क्षमता है। यह कंप्यूटर तार्किक तर्क गणित के जटिल सवाल और कंटेंट क्रिएशन जैसे कामों में, बहुत कुशल है। यह सिस्टम सीखने याद रखने और निर्णय लेने में सक्षम है बिल्कुल इंसानी दिमाग की तरह।
- इसकी प्रमुख खूबियां
- लॉजिकल थिंकिंग – यह तार्किक रूप से सोच सकता है।
- गणित के सवाल – जटिल गणितीय समस्याओं को हल करने में यह सक्षम है।
- कंटेंट क्रिएशन – यह खुद से कंटेंट तैयार कर सकता है।
कम ऊर्जा खपत और नई संभावनाएं
आमतौर पर सुपरकंप्यूटर बहुत ज्यादा बिजली, की खपत करते हैं। लेकिन यह China Innovation सिर्फ 2000 वॉट बिजली पर काम कर सकता है। यह इसे न केवल ऊर्जा कुशल बनाता है बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी बनाता है। वैज्ञानिक इस तकनीक का उपयोग न्यूरोसाइंस और मेडिकल रिसर्च में भी कर सकते हैं।






