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भगवान के प्रसाद को भी मिलावटखोरों ने नहीं छोड़ा, तिरुपति लड्डू के घी में मिलाया पाम ऑयल

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तिरुपति लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ा दावा किया है. ED के मुताबिक 2019 से 2024 के बीच तिरुमला तिरुपति देवस्थानम को कथित तौर पर मिलावटी घी की सप्लाई की गई. एजेंसी का आरोप है कि इसमें रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल और पामोलीन के साथ कई रसायनों का इस्तेमाल किया गया. ED ने एमजी-90, मोनोग्लिसराइड्स, मायवेसिट सॉफ्ट 400 और एसीटिक एसिड एस्टर जैसे नाम भी बताए हैं. एजेंसी के अनुसार कुल कथित सप्लाई 230 करोड़ रुपये की थी, जिसमें 96 करोड़ रुपये का घी सुकृति फूड्स से जुड़ा था. कंपनी के प्रोमटर कैलाश चंद मंगला गिरफ्तार किए गए हैं.
तिरुपति के मशहूर लड्डू प्रसाद को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. जिस घी को गाय का शुद्ध घी बताकर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम यानी टीटीडी को सप्लाई किया जाता था, उसके बारे में प्रवर्तन निदेशालय ने चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं. ED के मुताबिक इस कथित घी में असली दूध की मलाई से निकले घी की जगह रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल और पामोलीन जैसी चीजों का इस्तेमाल किया गया. इतना ही नहीं, इसे घी जैसा बनाने के लिए कई रसायन भी मिलाए जाने का आरोप है. मामला 2019 से 2024 के बीच टीटीडी को कथित तौर पर मिलावटी घी की आपूर्ति से जुड़ा है. जांच एजेंसी के अनुसार इस दौरान करीब 230 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी वाली सप्लाई हुई.
मामला तब और गंभीर हो गया जब ED ने इस केस में सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड केप्रमोटर कैलाश चंद मंगला को गिरफ्तार किया. एजेंसी का आरोप है कि इस पूरी अवधि में करीब 96 करोड़ रुपए मूल्य का कथित मिलावटी घी कैलाश चंद मंगला की कंपनी ने तैयार किया था. यानी मामला सिर्फ किसी छोटे स्तर की मिलावट का नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर आपूर्ति और कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है. हालांकि यहां यह समझना जरूरी है कि ये ED की जांच में सामने आए आरोप हैं. अदालत में इन आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है. जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित मिलावटी घी कैसे तैयार हुआ, किस तरह सप्लाई किया गया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे.
घी में क्या-क्या मिलाने का आरोप?