लखनपुर – आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर की नौकरी लगाने के नाम पर 5 लाख 50 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में लखनपुर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर रकम लेने के बाद पीडि़तों को नौकरी नहीं लगने पर पैसे वापस करने से इनकार कर दिया था। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।पुलिस के मुताबिक, कोसंगा निवासी उषा दास ने थाना लखनपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि 1 अगस्त 2024 से 30 नवंबर 2024 के बीच चेतन दास पड़वार और उसके सहयोगी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नौकरी लगाने के नाम पर उससे 3 लाख 50 हजार रुपये लिए थे। वहीं उसकी सहेली रूकमणी सिदार से सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने के नाम पर 2 लाख रुपये लिए गए थे।
नौकरी नहीं लगने पर जब प्रार्थिया ने आरोपी से रकम वापस मांगी तो वह कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की धमकी देकर लगातार टालमटोल करता रहा। शिकायत के आधार पर थाना लखनपुर में अपराध क्रमांक 95/25 के तहत धारा 318(3), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देशन में पुलिस टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे। तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने फरार आरोपी चेतन दास पड़वार को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम चेतन सिंह पड़वार, पिता परशुराम दास, उम्र 38 वर्ष, निवासी सोनतरई, थाना लखनपुर बताया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने ठगी की घटना में शामिल होना स्वीकार किया तथा अपने हिस्से में मिली रकम खर्च हो जाने की जानकारी दी।आरोपी के खिलाफ पर्याप्त अपराध साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। मामले में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है।इस कार्रवाई में थाना प्रभारी लखनपुर उप निरीक्षक सम्पत पोटाई, प्रधान आरक्षक पीताम्बर सिंह तथा आरक्षक नमीष सिंह, आशीष चौहान और दशरथ राजवाड़े की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



