गीदम – ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी बारसूर में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आने वाली ऐतिहासिक युगल गणेश जी की विशाल प्रतिमा, जिसे स्थानीय लोग श्रद्धापूर्वक ‘बड़े गणेश जी के नाम से जानते हैं, के समक्ष आयोजित आठवीं महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, नगरवासी, जनप्रतिनिधि, समाज प्रमुख एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए। स्थानीय मान्यता के अनुसार बारसूर के युगल गणेश जी को एशिया महाद्वीप के तीसरे बड़े गणेश के रूप में जाना जाता रहा है। यही कारण है कि यह विशाल गणेश प्रतिमा धार्मिक आस्था के साथ-साथ बारसूर की ऐतिहासिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
2019 में शुरू हुई महाआरती की परंपरा, आठवें वर्ष में भी दिखा उत्साह
बारसूर के बड़े गणेश जी की महाआरती की परंपरा वर्ष 2019 में प्रारंभ हुई थी, जो अब अपने आठवें आयोजन तक पहुंच चुकी है। प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ महाआरती, सत्संग एवं भजन मंडली का आयोजन किया गया। गुमरगुंडा के पूज्य स्वामी विशुद्धानन्द सरस्वती जी महाराज के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में यह महाआरती कार्यक्रम संपन्न हुआ। स्वामी जी के आध्यात्मिक मार्गदर्शन में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ सहभागिता की। भजन मंडली द्वारा प्रस्तुत भक्तिमय भजनों से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर भजनों का आनंद लेते रहे। इसके पश्चात विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ बड़े गणेश जी की महाआरती की गई। दीपों की ज्योति, घंटियों की ध्वनि और सामूहिक जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
क्षेत्रीय विधायक चैतराम अट्टामी सहित जनप्रतिनिधियों ने की सहभागिता
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक चैतराम अट्टामी जी भी शामिल हुए। उन्होंने बड़े गणेश जी के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर महाआरती में सहभागिता की और भगवान श्री गणेश जी से क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की मंगलकामना की। संत रविदास जी के कलश रथ का भी हुआ आगमन आठवीं महाआरती के इस पावन अवसर पर संत शिरोमणि रविदास जी के कलश रथ का बारसूर आगमन भी हुआ। कलश रथ के आगमन पर श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने श्रद्धाभाव के साथ स्वागत किया।
संत रविदास के विचारों से जुड़े समानता, सामाजिक समरसता, सद्भाव और मानवता के संदेश ने इस धार्मिक आयोजन को एक व्यापक सामाजिक संदेश से भी जोड़ा। धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे की भावना कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
संतों, समाज प्रमुखों और नगरवासियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में गुमरगुंडा के पूज्य स्वामी विशुद्धानन्द सरस्वती महाराज, प्रमोद अट्टामी, खुड़ी राम नाग, अभिमन्यु सोनी, राजाराम वट्टी, संतोष गुप्ता, सुभद्रा नेगी, पायल गुप्ता सहित बुद्धिजीवी, विभिन्न समाजों के प्रमुख, गायत्री परिवार के सदस्य, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश जी के श्रीचरणों में शीश नवाकर अपने परिवार, समाज एवं क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। ‘गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से पूरा बारसूर भक्तिमय हो उठा।



