गरियाबंद – सावन के पहले सोमवार पर छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में स्थित विश्व के विशालतम प्राकृतिक शिवलिंग भूतेश्वरनाथ महादेव के दरबार में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है. सुबह से ही हजारों श्रद्धालु पवित्र नदियों का जल, दूध, बेलपत्र और पूजा सामग्री लेकर पहुंचे हैं. पिछले वर्षों की तुलना में आज भक्तों की संख्या लगभग दोगुनी नजर आ रही है.
ओडिशा से भी पहुंचे श्रद्धालु
विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में माने जाने वाले भूतेश्वरनाथ महादेव में सावन का प्रथम सोमवार खास महत्व रखता है. नंगे पांव सैकड़ों किलोमीटर दूर से कई कांवरिये यहां पहुंचे हैं. इसके अलावा प्रदेश सहित ओडिशा और बाकी राज्यों से आए श्रद्धालु जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना में जुटे हैं.
क्या है मान्यता?
यहां कि मान्यता है कि यह शिवलिंग हर साल लंबाई और चौड़ाई में बढ़ता जा रहा है. बाबा भूतेश्वरनाथ के दरबार में मांगी गई मनोकामनाएं जरूर पूरी होती हैं. यही कारण है कि दूर-दूर से भक्त यहां पहुंच रहे हैं.
सावन का पहला सोमवार बेहद खास होता है और शिवलिंग के दर्शन शुभ माने जाते हैं इसलिए हम लोग यहां पहुंचे हैं. यहां की हरी-भरी वादियां और प्राकृतिक वातावरण होने से और भी अच्छा लग रहा है- ओडिशा से आए श्रद्धालु
समिति ने की व्यवस्था
समिति के सदस्यों ने इस बार पहले से बेहतर व्यवस्था की है. पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा-अर्चना कर सकें. इस तरह सावन के पहले सोमवार पर भूतेश्वरनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है. बाबा भूतेश्वरनाथ के दरबार में भक्तों की यह भीड़ सावन महीने भर और बढ़ने की उम्मीद है.






