रायपुर – हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर रायपुर प्रेस क्लब ने शनिवार को “पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव” का भव्य आयोजन किया। दिनभर चले 3 सत्रों में पत्रकारिता के इतिहास, चुनौतियों, न्यू मीडिया की भूमिका और भविष्य पर मंथन हुआ। कार्यक्रम में प्रदेशभर के वरिष्ठ पत्रकार, मीडिया शिक्षाविद और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
सीएम ने किया टेलीफोन डायरेक्टरी का विमोचन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, इंडिया हेरिटेज सेंटर के निदेशक के.जी. सुरेश, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा और राम मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सुनील रामदास अग्रवाल मौजूद रहे। सीएम साय ने कहा, “लोकतंत्र की मजबूती में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। पत्रकार समाज और शासन के बीच सेतु हैं। सरकार पत्रकारों के हितों और सुरक्षा को लेकर संवेदनशील है।” के.जी. सुरेश ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय जागरण को दिशा दी है।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि सूचना क्रांति के दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारी बढ़ गई है।सीएम ने रायपुर प्रेस क्लब की टेलीफोन डायरेक्टरी का विमोचन भी किया। इसमें क्लब सदस्यों और पत्रकारिता जगत के महत्वपूर्ण संपर्क संकलित हैं।
15 वरिष्ठ पत्रकारों को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान
पत्रकारिता में दीर्घकालीन योगदान के लिए शेषकरण जैन, बाबूलाल शर्मा, आशा शुक्ला, नरेन्द्र पारख, आसिफ इक़बाल, सुहास राजिमवाले, दिवाकर मुक्तिबोध, कौशल शर्मा, परमानंद वर्मा, राजेश शर्मा, ओ.पी. शर्मा, सनत चतुर्वेदी, कौशल मिश्रा, ठाकुर राम साहू और मोहसिन अली सुहैल को “जीवन पर्यंत पत्रकारिता सेवा सम्मान” दिया गया।”स्याही से स्क्रीन तक” पर गंभीर विमर्शदूसरे सत्र में हर्षवर्धन त्रिपाठी, विजय मनोहर तिवारी, सुभाष मिश्रा और गिरीश पंकज ने चर्चा की।
हर्षवर्धन त्रिपाठी ने कहा कि तकनीक ने गति दी है, पर विश्वसनीयता आज भी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की मुक्ति को बड़ी उपलब्धि बताया, पर राष्ट्रीय मीडिया में इसकी कम चर्चा पर चिंता जताई। माखनलाल चतुर्वेदी विवि के कुलपति विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि पत्रकारिता सिर्फ सूचना नहीं, समाज को दिशा देने की प्रक्रिया है।
सुभाष मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता ने सीमित संसाधनों में भी जनसरोकारों को प्राथमिकता दी। गिरीश पंकज ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य समाज में सकारात्मक चेतना बढ़ाना भी है।”न्यूज़ रूम से न्यू मीडिया तक” पर चर्चातीसरे सत्र में अमिताभ अग्निहोत्री, शरद द्विवेदी, विश्वेश ठाकरे, रूद्र अवस्थी और अनिल पुस्दकर ने विचार रखे। अमिताभ अग्निहोत्री ने कहा कि डिजिटल युग में विश्वसनीयता बनाए रखना ज्यादा जरूरी है। शरद द्विवेदी ने कहा कि खबरों के सत्यापन और संपादकीय अनुशासन की जरूरत आज भी उतनी ही है। विश्वेश ठाकरे ने कहा कि पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन का अंतर समझना जरूरी है। AI, फेक न्यूज और डिजिटल पत्रकारिता की चुनौतियों पर भी बात हुई।
सांस्कृतिक संध्या में बिखरे सुरजे.पी. ग्रुप के कलाकारों के साथ शकुंतला तरार, रत्न शर्मा, कौशल सोनवीर, राहुल सिंह, अनिल पुसदकर, मुकेश वर्मा और हेमंत पाणिग्रही ने प्रस्तुतियां दीं।वर्षभर होंगे द्विशताब्दी आयोजनरायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, महासचिव गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू और भूपेंद्र जांगड़े ने बताया कि हिंदी पत्रकारिता की द्विशताब्दी पर वर्षभर व्याख्यानमाला, संवाद, सम्मान समारोह और प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे।कार्यक्रम में प्रशांत शर्मा, रामावतार तिवारी, बृजेश चौबे, राजेंद्र निगम, विजय मिश्रा, प्रदीप दुबे समेत बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद थे। राजनांदगांव, बिलासपुर और भिलाई-दुर्ग के प्रेस क्लब अध्यक्ष भी शामिल हुए।






