गरियाबंद – केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासी समाज को वनवासी शब्द संबोधित किये जाने पर अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद मैनपुर द्वारा नगर मे जंगी रैली निकाल जमकर प्रदर्शन किया गया और एसडीएम कार्यालय पहुंच राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपा गया।
इस दौरान आदिवासी समाज द्वारा सौपे गये ज्ञापन मे कहा गया है आदिवासी समाज इस देश का मूल निवासी एवं प्रकृति संरक्षक समाज रहा है आदिवासी समाज की अपनी अलग संस्कृति परंपरा, भाषा, जीवनशैली एवं समाजिक व्यवस्था जिसे भारतीय संविधान मे भी अनुसूचित जाति के रूप मे विशेष पहचान एवं संरक्षण प्राप्त है किन्तु हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासी समाज को वनवासी शब्द से संबोधित किया गया, जिससे देशभर के आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
वनवासी शब्द ऐतिहासिक रूप से उस व्यक्ति के लिए प्रयोग किया जाता रहा है जिसे किसी राजा अथवा शासन द्वारा बनवास की सजा दी जाती थी इसलिए आदिवासी समाज स्वयं को वनवासी नहीं बल्कि आदिवासी अर्थात इस धरती के मूल निवासी के रूप में पहचानता है। अतः हम आदिवासी समाज की ओर से वनवासी शब्द के प्रयोग का घोर विरोध करते हैं तथा मांग करते हैं कि शासन एवं प्रशासन के सभी स्तरों पर आदिवासी शब्द का ही सम्मानपूर्वक उपयोग किया जाए।
इस मौके पर प्रमुख रूप से वरिष्ठ आदिवासी नेता महेंद्र नेताम, जनपद सदस्य प्रताप मरकाम, युवराज नेताम, चंद्र सेन नेताम, पदम नेताम, बलिराम नेताम, पूर्ण जिला पंचायत सदस्य सियाराम ठाकुर, गगन नेगी, रोहन मरकाम, गोवर्धन ध्रुव, मैनपुरकला के सरपंच गज्जू नेगी, वेदप्रकाश नागेश, ईश्वर ध्रुव, शरद नेगी, सुभाष मरकाम, युवराज नेताम, रोमन नेगी, झरना मरकाम, खिलेंद्री फरस, विशु ध्रुव, रूपेश लोकेश्वरी ठाकुर, लोकेश नेगी, प्रदीप ध्रुव, तरूण कपिल, शरद नेगी, बोलेश ध्रुव, वेदप्रकाश नागेश, झरना मरकाम एवं बड़ी संख्या मे आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।






