पंडित युवराज पांडेय द्वारा गाये जाने वाला पचरा गीत मे पंडाल मे हजारो श्रध्दालु झुम उठे
गरियाबंद – देवभोग स्थितं सरस्वती शिशु मंदिर मैदान में विगत 11 मई से भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है कपिल ठाकुर परिवार द्वारा यह आयोजन में राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित युवराज पांडेय के मुखरविन्द से कथा वाचन किया जा रहा है आयोजन 17 मई तक चलेगा।कथा सुनने रोजाना हजारो श्रद्धालुओ की भीड़ मंच पर उमड़ रही है।
कथावाचक युवराज पांडेय ने भक्त प्रहलाद प्रसंग की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि असुर पुत्र होने के बावजूद प्रह्लाद ने जैसा ज्ञान अर्जित किया वैसा उसे फल मिला उन्होंने उपदेश देते हुए कहा कि शिक्षा हर क्षेत्र में अनिवार्य होता है, इसे ग्रहण किया जाना चाहिए। उन्होने बताया कि शिक्षा शेरनी के दूध के समान होता है,इसे ग्रहण करने वाला हर क्षेत्र में सफल होता किसी भी क्षेत्र का पूर्ण ज्ञान होना जरूरी होता है, अधूरा ज्ञान विष के समान होता है।
इसी तरह कृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग को सुनाते हुए बताया कि जैसे ही वासुदेव ने कृष्ण जी को अपने सर में उठाया वैसे ही उनकी बेड़ियां खुल गई और जैसे ही माया को उठाया वे बंधन में जकड़ गए इस प्रसंग के जरिए उन्होने बताया कि जीवन में मोहमाया दुख और विनाश का कारण होता है पर ब्रम्ह को धारण करने अथवा भक्ति मार्ग पर चलने वाले सदैव इस संसार में सुख की प्राप्ति करते हैं।
जीवंत प्रसंग बने आकर्षण का केंद्र- कथा के दरम्यान विभिन्न धार्मिक प्रसंग जैसे कृष्ण जन्म, दही लुट, रुक्मणी विवाह प्रसंगों पर जीवंत प्रस्तुति दिया गया जो आकर्षण का केंद्र बना रहा पंडाल में भक्तों की भीड़ जीवंत झलकियों झांकियो को देख भाव विभोर हो रहे।
पचरा और भजन संगीत में श्रद्धालु जम कर झूम रहे- कथा वाचक युवराज पांडेय संगीत कलाओं में भी पारंगत है, पंडाल में उनके गाए पचरा की विशेष मांग रहती है इसके अलावा पंडित युवराज पांडेय द्वारा ओड़िया भजन, कीर्तन और धार्मिक गीतों की प्रस्तुति से पूरा पंडाल झूम उठता है। चिर परिचित अंदाज में पांडेय द्वारा भगवान कृष्ण, जगन्नाथ से जुड़ी भजनों पर महिलाओं को भी थिरकने में मजबूर कर देता है।






