नई दिल्ली – क्या पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार गिरने की कगार पर पहुंच गई है? दरअसल आम आमदी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चढ्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दिया है. तीनों राज्यसभा सांसदों ने आज दोपहर मीडिया के सामने अपने इस्तीफे का ऐलान किया है. इतना ही नहीं, सांसद राघव चड्ढा ने दावा किया है कि भ्रष्टाचार के रास्ते में बढ़ चुकी आम आदमी पार्टी से कई अन्य सांसदों ने भी अपना नाता तोड़ने का फैसला कर लिया है.
सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से इस्तीफा देने वाले अन्य सांसदों के नामों का खुलासा भी कर दिया है. उनके अनुसार, इस्तीफा देने वालों में पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह का नाम भी शामिल है. इसके अलावा, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष रहीं स्वाति मालिवाल भी आम आदमी पार्टी की सदस्या को छोड़ रही हैं. सांसद राघव चड्ढा का दावा है कि सांसद विक्रमजीत सहानी और राजेंद्र गुप्ता के इस्तीफे की जानकारी जल्द ही बाहर आ जाएगी. राघव चड्ढा के इस ऐलान के बाद दिल्ली के साथ-साथ पंजाब की राजनीतिक पारा बेहद गर्म हो गया है.
क्या पंजाब में गिरने वाली है मान सरकार?
दिल्ली में हुई इस डेवलपमेंट की आंच सीधे तौर पर पंजाब में महसूस की जा रही है. संभावना तो यहां तक जताई जा रही है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की मान सरकार भी क्या जल्द गिर जाएगा. इस संभावनओं का गंभीर आधार भी है. दरअसल, पंजाब से आम आदमी पार्टी के कुल सात सांसद हैं. इन सात सांसदों में राघव चड्ढा, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, संजीव अरोड़ा, विक्रमजीत सिंह साहनी और बलबीर सिंह सीचेवाल का नाम शामिल है.
इन सात सांसदों में राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने सीधे तौर मीडिया के सामने आकर अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. वहीं, राघव चड्ढा ने दावा किया है कि बाकी बचे हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, विक्रम साहनी और राजेंद्र गुप्ता भी इस्तीफा देने जा रहे हैं. यानी, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी का पूरा सूपड़ा साफ हो गया है. अब पंजाब से एक सांसद राज्यसभा में नहीं है. ऐसे में माना जा रहा है कि पंजाब के सातों सांसदों के इस्तीफे के बाद सूबे की सियासत बड़ी करवट ले सकती है. आप को बता दें जल्द ही पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.
कैसे गिर सकती है पंजाब में मान सरकार
सातों सांसदों के इस्तीफे के बाद सीधे तौर पर यह माना जा रहा है कि सातों सांसदों के समर्थक विधायक भी जल्द ही आम आदमी पार्टी का साथ छोड़ सकते हैं. सांसदों के साथ इन सभी विधायकों के बीजेपी में शामिल होने की बात भी कही जा रही है. यदि सांसद समर्थक जिन विधायकों के पार्टी छोड़ने की बात सामने आ रही है, वह सच साबित हुई तो पंजाब में मान सरकार को भी तगड़ा झटका लग सकता है.
संभावना तो यह भी जताई जा रही है कि आगामी विधानसभा चुनाव में राघव चड्ढा पंजाब का सीएम फेस भी हो सकते हैं. राघव चड्ढा पंजाबी कम्युनिटी से आते हैं. हमेशा से पंजाब में लो्कप्रिय रहे हैं. संसद में उठाए सवालों के बाद उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ी है. शहरी वोटर उन्हें बहुत पसंद करते हैं. साथ ही युवा चेहरा होने के साथ पंजाब की राजनीति में हमेशा प्रभावी रहे हैं.






