जानकारी के मुताबिक, बुधवार को करेंसी टावर पहुंचे नितिन भंसाली कुछ देर तक लिफ्ट में फंसे रहे। इस दौरान लिफ्ट का सपोर्ट सिस्टम काम नहीं कर रहा था। मदद न मिलने पर उन्होंने दरवाजा पीटना शुरू किया, जिसके बाद मौके पर मौजूद गार्ड ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला।
850 दुकानें, सिर्फ 2 लिफ्ट चालू
इस बड़े कॉम्प्लेक्स में करीब 850 दुकानें और ऑफिस संचालित हैं, लेकिन यहां केवल 4 लिफ्ट हैं। इनमें से भी सिर्फ 2 ही किसी तरह चल रही हैं, जबकि बाकी बंद हैं। जो लिफ्ट चालू हैं, वे भी बार-बार खराब हो रही हैं, जिससे रोजाना लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
लिफ्ट की कमी के कारण लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को दिक्कत होती है।
सुरक्षा सिस्टम भी फेल
सबसे गंभीर बात यह है कि लिफ्ट के अंदर न हेल्पलाइन नंबर है और न ही इमरजेंसी सिस्टम सही तरीके से काम करता है। ऐसी स्थिति में फंसने पर लोग खुद ही बाहर निकलने को मजबूर हैं।
इससे पहले सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे IAS ऋचा शर्मा करीब 10 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं। उस दौरान न पर्याप्त रोशनी थी और न ही हवा की व्यवस्था, जिससे उन्हें घबराहट हुई।
लगातार सामने आ रही घटनाओं ने कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा और मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार इस पर क्या कार्रवाई करते हैं।