ईरान – दुनिया की सबसे अहम तेल लाइफलाइन माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात एक बार फिर तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं. शनिवार को इस रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे दोनों जहाज भारत के थे. इससे पूरे शिपिंग सेक्टर में हड़कंप मच गया. ये जहाज भारत के झंडे वाले थे. इस घटना के बाद भारत ने ईरानी राजदूत को तलब किया है. घटना से कुछ घंटे पहले ही ईरान ने कहा था कि होर्मुज को फिर से बंद किया जा रहा है. ईरान के इस फैसले से कुछ घंटे पहले ही आठ टैंकरों का एक काफिला इस रास्ते से गुजरता देखा गया था. यह पिछले सात हफ्तों में तेल टैंकरों का सबसे बड़ा काफिला था, जिसे देखकर दुनिया राहत की सांस ले रही थी. लेकिन यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं पाई. जैसे ही जहाज आगे बढ़े, स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं. यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के मुताबिक ईरानी गनबोट से फायरिंग की गई.
भारतीय जहाजों पर हमला हुआ
अनादोलू एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जिन दो जहाजों पर हमला किया वह भारतीय हैं. टैंकर मॉनिटरिंग डेटा के मुताबिक, फायरिंग की घटना भी हुई. एक जहाज भारत का झंडा लगाए था जो 20 लाख बैरल इराकी तेल लेकर जा रहा था. हालांकि जहाज और क्रू पूरी तरह सुरक्षित हैं. इस दौरान होर्मुज में तैनात अमेरिकी नेवी को इसकी भनक भी नहीं लगी.
ईरान ने क्यों बंद किया होर्मुज?
ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने ईरानी बंदरगाहों के आसपास नाकाबंदी जारी रखी और ‘समुद्री डकैती’ जैसे कदम उठाए. इसी के जवाब में यह सख्ती बढ़ाई गई है. ईरान की डिमांड है कि अमेरिका के सैन्य जहाज होर्मुज से हटें और ईरानी जहाजों को आने-जाने दें. इससे पहले ईरान ने शुक्रवार को सीमित और नियंत्रित तरीके से जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी थी, जिसे ‘गुड फेथ’ कदम बताया गया था. लेकिन अमेरिकी कार्रवाई के चलते इस व्यवस्था को वापस ले लिया गया.
अमेरिका के कारण 23 जहाज नहीं गुजर सके
वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक 20 जहाज होर्मुज बंद होने का बाद वापस लौटे हैं. उन्हें वापस ओमान की दिशा में मोड़ दिया गया है. वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि जब से उसने ब्लॉकेड किया है तब से 23 जहाजों को वापस मुड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया. तनाव के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का भी सख्त संदेश सामने आया है. उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की नौसेना अपने दुश्मनों को ‘कड़वी हार’ चखाने के लिए तैयार है.






