सुरों की रानी आशा भोंसले का आज पंचतत्व में विलीन हो गई हैं। उनकी सुरीली आवाज हमेशा के लिए शांत हो गई है। 92 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के बाद उनका निधन हुआ था। आशा जी अपने पीछे सदाबहार गानों की विरासत छोड़ गई हैं। अपनी आवाज के जरिए सिंगर हमेशा…
सितारों से लेकर आम प्रशंसकों तक की उमड़ी भीड़
आशा जी के निवास स्थान पर सुबह से ही उनके अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ा था। खेल जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर, जो आशा जी को अपनी मां समान मानते थे श्रद्धांजलि देते समय अपने आंसू नहीं रोक पाए। उनके अलावा अभिनेत्री तबू और आशा पारेख समेत फिल्म जगत की तमाम बड़ी हस्तियां उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचीं।
विरासत जो कभी खत्म नहीं होगी
भले ही आशा जी का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो जाएगा लेकिन उनकी विरासत अमर है। उनके गाए हजारों गाने आने वाली पीढ़ियों को प्यार, दर्द और खुशी के पलों में सहारा देते रहेंगे। वह एक ऐसी कलाकार थीं जिन्होंने भारतीय संस्कृति को अपनी आवाज से वैश्विक पहचान दिलाई।






