अमेरिकी हमलों से अपने ऊर्जा प्लांट को बचाने के लिए ईरान ने नई तरकीब निकाली है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दी गई समयसीमा नजदीक आने के साथ ही ईरान ने देश के युवाओं से एक अनोखी अपील की है. ईरान सरकार ने युवाओं से देश के अहम ऊर्जा ठिकानों के आसपास इकट्ठा होने को कहा है, ताकि एकजुटता और संकल्प का प्रदर्शन किया जा सके.
ईरान के खेल और युवा मंत्रालय के उपमंत्री अली रेजा रहीमी ने बताया कि यह पहल खुद युवाओं के सुझाव पर शुरू की गई है. उनके अनुसार, विश्वविद्यालयों के छात्र, कलाकार और युवा संगठनों ने प्रस्ताव रखा कि देश के पावर प्लांट्स के चारों ओर ‘मानव श्रृंखला’ बनाई जाए, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि देश की महत्वपूर्ण संरचनाओं की सुरक्षा के लिए युवा प्रतिबद्ध हैं.
इस अभियान को ‘ह्यूमन चेन ऑफ ईरान्स यूथ फॉर अ ब्राइट फ्यूचर’ नाम दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार दोपहर 2 बजे देशभर में युवा पावर प्लांट्स और अन्य अहम ऊर्जा प्रतिष्ठानों के पास इकट्ठा होंगे और मानव श्रृंखला बनाकर अपनी एकता और देशभक्ति का प्रदर्शन करेंगे
ईरान का यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है, जब अमेरिका लगातार बड़े हमले की धमकियां दे रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक की समयसीमा दी है, जिसमें उसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने को कहा गया है. यह जलमार्ग दुनियाभर में तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है.
ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान इस समयसीमा का पालन नहीं करता, तो अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है. उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, जैसे पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमले किए जा सकते हैं. उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले गंभीर कानूनी और मानवीय संकट पैदा कर सकते हैं.
ईरान और अमेरिका के बीच यह टकराव अपने छठे सप्ताह में पहुंच चुका है और दोनों पक्षों के सख्त बयानों के बीच स्थिति और बिगड़ती नजर आ रही है. एक ओर जहां अमेरिका सैन्य विकल्प की बात कर रहा है, वहीं ईरान प्रतीकात्मक कदमों के जरिये अपने अंदरूनी समर्थन और एकजुटता को दिखाने की कोशिश कर रहा है.
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान का युवाओं को इस तरह सड़कों पर उतारना केवल एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन नहीं, बल्कि यह दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश है कि देश के भीतर सरकार के प्रति समर्थन मजबूत है. वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चल रहे विवाद को और गंभीर बना दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.






