रायपुर – राजधानी रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में हुए दर्दनाक हादसे के मामले में पुलिस ने घटना के करीब 24 घंटे बाद FIR दर्ज कर ली है। टिकरापारा थाना में दर्ज इस मामले में सफाई ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। यह हादसा उस समय हुआ था जब सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन सफाईकर्मियों की मौत हो गई थी।
इस बीच राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल रायपुर पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने संतोषी नगर BSUP कॉलोनी स्थित सिमरन सिटी में मृतकों के परिजनों से बातचीत कर घटना की पूरी जानकारी ली। गिल ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और परिवारों ने जिस पीड़ा को साझा किया, उसे गंभीरता से सुना गया है।
हरदीप सिंह गिल ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर डॉक्टरों और प्रबंधन से भी चर्चा की। प्रारंभिक जांच में कई गंभीर लापरवाही सामने आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि रात के समय सफाई कार्य की अनुमति क्यों दी गई? उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, गिल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत मृतक सफाईकर्मियों के परिवारों को तत्काल 30 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने, पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी निभाने, का आश्वासन भी दिया गया है।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने साफ किया है कि यदि इस मामले में और शिकायतें सामने आती हैं, तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर सीवर सफाई जैसे खतरनाक कामों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और सिस्टम की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।






