Home व्यापार ईरान-इजरायल तनाव में डगमगाया बाजार, जानिए कहां लगाएं सुरक्षित पैसा

ईरान-इजरायल तनाव में डगमगाया बाजार, जानिए कहां लगाएं सुरक्षित पैसा

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ईरान-इजरायल तनाव के बीच शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है. ऐसे माहौल में लोग सुरक्षित और तय रिटर्न वाले विकल्पों की तलाश कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि पोर्टफोलियो में संतुलन बनाना इस समय बेहद जरूरी है.
नई दिल्ली –  मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिख रहा है. 2 मार्च 2026 को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स करीब 1,459 अंक गिरकर 79,827 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 445 अंक टूटकर 24,723 के स्तर पर आ गया. ऐसी स्थितियों में निवेशकों का भरोसा डगमगाने लगता है और वे अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करने लगते हैं. हालांकि इतिहास बताता है कि भू-राजनीतिक संकट के दौरान बाजार 5 से 10 प्रतिशत तक गिर सकते हैं, लेकिन 3 से 6 महीनों में रिकवरी भी देखी गई है.
क्या पूरा पैसा शेयरों में रखना सही है?
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में घबराहट में फैसले लेने के बजाय संतुलित रणनीति अपनानी चाहिए. इक्विटी लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देती है, लेकिन अस्थिरता के दौरान पोर्टफोलियो में स्थिर और कम जोखिम वाले साधनों को शामिल करना समझदारी हो सकती है. विविधीकरण यानी अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश ही जोखिम कम करने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है.
बैंक एफडी: भरोसेमंद और तय रिटर्न वाला विकल्प
अनिश्चित माहौल में बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सबसे लोकप्रिय विकल्पों में गिना जाता है. फिलहाल अलग-अलग बैंकों और अवधि के हिसाब से 6 से 8 प्रतिशत तक ब्याज मिल रहा है. वरिष्ठ नागरिकों को आमतौर पर 0.25 से 0.50 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज मिलता है. रिटर्न भले टैक्सेबल हो, लेकिन पूंजी सुरक्षित रहती है और आय तय होती है.
डेट म्यूचुअल फंड: सीमित जोखिम के साथ बेहतर लचीलापन
डेट म्यूचुअल फंड सरकारी बॉन्ड, कॉरपोरेट बॉन्ड और ट्रेजरी बिल जैसे फिक्स्ड-इनकम साधनों में निवेश करते हैं. ये इक्विटी फंड्स की तुलना में कम उतार-चढ़ाव वाले होते हैं, लेकिन पूरी तरह जोखिम मुक्त नहीं हैं. ब्याज दरों में गिरावट होने पर इनके रिटर्न बेहतर हो सकते हैं. निवेश से पहले फंड की अवधि, क्रेडिट क्वालिटी और अपने निवेश लक्ष्य को समझना जरूरी है.
PPF और NSC: टैक्स बचत के साथ सुरक्षित भविष्य
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) लंबी अवधि का भरोसेमंद विकल्प है, जिस पर 7.10 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है. इसमें 15 साल की लॉक-इन अवधि होती है और सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट मिलती है. नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) पर 7.70 प्रतिशत ब्याज मिलता है, जिसकी अवधि 5 साल है और इसमें भी टैक्स लाभ उपलब्ध है.
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम और POMIS: नियमित आय का साधन
60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) आकर्षक विकल्प है, जिसमें 8.2 प्रतिशत तक ब्याज मिलता है. पांच साल की अवधि वाली इस योजना में अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है. वहीं पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) में 7.40 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ हर महीने तय आय मिलती है, जो जोखिम से बचने वालों के लिए उपयुक्त है.
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट और किसान विकास पत्र
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट बैंक एफडी जैसा ही है, लेकिन पूरी तरह सरकारी गारंटी के साथ. 1 से 5 साल की अवधि पर 6.90 से 7.50 प्रतिशत तक ब्याज मिलता है. किसान विकास पत्र (KVP) में 7.50 प्रतिशत ब्याज के साथ लगभग 115 महीनों में रकम दोगुनी हो जाती है. इसमें न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है.
सुकन्या समृद्धि योजना: बेटियों के लिए सुरक्षित निवेश
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) बेटियों के भविष्य के लिए बनाई गई योजना है, जिस पर 8.20 प्रतिशत सालाना चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है. इसमें न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना निवेश किया जा सकता है. यह योजना लंबी अवधि में शिक्षा और विवाह जैसी जरूरतों के लिए सुरक्षित फंड तैयार करती है.
रणनीति साफ रखें, घबराहट में न लें फैसला
विशेषज्ञ मानते हैं कि बाजार में गिरावट स्थायी नहीं होती. लंबी अवधि के निवेशक घबराकर इक्विटी से पूरी तरह बाहर न निकलें, बल्कि संतुलन बनाएं. सुरक्षित विकल्पों में कुछ हिस्सा डालकर जोखिम कम किया जा सकता है. सही एसेट एलोकेशन और धैर्य ही अस्थिर बाजार में सफलता की कुंजी है.