नई दिल्ली – मिडिल ईस्ट में जारी टेंशन का असर देश की हवाई सेवाओं पर दिखने लगा है. जंग के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज हुआ और वैश्विक स्तर पर तेल को लेकर किल्लतें शुरू हो गईं. भारत भी इस समस्या से अछूता नहीं रहा. तेल की कमी के चलते फ्यूल के दाम आसमान पर पहुंच रहे हैं. नतीजन देश की दो सबसे बड़ी एयरलाइंस एयर इंडिया और इंडिगो ने अपने घरेलू उड़ानों में कमी करने का फैसला लिया है. ये कटौती आने वाली 1 जून 2026 से शुरु हो जाएगी और अगले 90 दिनों यानी 3 महीनों तक लागू रहेगी.
तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से एविएशन टर्बाइन फ्यूल भी महंगा हो गया है, जिसके चलते दो बड़ी एयरलाइंस को बड़ा फैसला लेना पड़ा. भारतीय एयरलाइन मार्केट के 90% से ज्यादा कंट्रोल रखने वाली इन दोनों कंपनियों के इस फैसले से कई यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
कितनी होगी उड़ानों में कटौती?
रिपोर्टों के अनुसार, एयर इंडिया अपनी घरेलू उड़ानों में सबसे बड़ी कटौती करने जा रही है. कंपनी अपनी डोमेस्टिक एयरलाइंस करीब 15% तक की कम कर सकती है. अभी के समय में एयर इंडिया हर हफ्ते करीब 3,800 उड़ानें ऑपरेट करती है. दूसरी ओर, देश की सबसे बड़ी बजट एयरलाइन इंडिगो भी अपने ऑपरेशन्स को 5% से 7% तक कम कर रही है. इंडिगो रोजाना करीब 1,950 फ्लाइट चलाती है. ऐसे में 5 से 7 फीसदी की कटौती भी कुल उड़ानों के लिहाज से एक बड़ा आंकड़ा बन जाता है.
क्यों लेना पड़ा एयरलाइंस को इतना बड़ा फैसला?
एयरलाइंस कंपनियों के इस फैसले की सबसे बड़ी वजह एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल है. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिका-ईरान संकट का सीधा असर भारतीय एविएशन सेक्टर पर पड़ा है.






