Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ में होली पर शराब बिक्री पर फिर बदला फैसला: सरकार ने...

छत्तीसगढ़ में होली पर शराब बिक्री पर फिर बदला फैसला: सरकार ने जारी की ड्राई डे की नई सूची, अब इस दिन बंद रहेगी शराब दुकानें

33
0
छत्तीसगढ़ सरकार ने होली के दिन शराब बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया है। नई आबकारी नीति में पहले होली को ड्राई डे सूची से हटाया गया था, लेकिन अब सामाजिक और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए फिर से प्रतिबंध लागू किया गया है

रायपुर – छत्तीसगढ़ में होली के दिन शराब बिक्री को लेकर एक बार फिर स्थिति बदल गई है। राज्य सरकार ने होली के अवसर पर शराब दुकानों को बंद रखने का फैसला किया है। आबकारी विभागने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

पहले नई आबकारी नीति में तय सात ड्राई डे में से होली, मुहर्रम और महात्मा गांधी निर्वाण दिवस (30 जनवरी) को हटाने का निर्णय लिया गया था। इससे यह संकेत मिला था कि इन अवसरों पर दुकानें खुली रहेंगी।

सरकार ने बदला रुख

अब सरकार ने सामाजिक समरसता और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए होली पर शराब बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यानी पूरे राज्य में होली के दिन सभी शराब दुकानें बंद रहेंगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि खुशी और उल्लास के पर्व होली पर पूर्व निर्धारित ड्राई डे व्यवस्था पहले की तरह लागू रहेगी।

ड्राई डे की नई सूची

नई नीति के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में केवल चार दिन ड्राई डे घोषित किए गए थे—

26 जनवरी (गणतंत्र दिवस),
15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस),
2 अक्टूबर (गांधी जयंती),
18 दिसंबर (गुरु घासीदास जयंती)।

अब इसमें होली का दिन भी शामिल कर लिया गया है।

30 जनवरी को हुआ था विरोध

इससे पहले 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब दुकानें खुली रहने को लेकर कांग्रेस  कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। विभिन्न शहरों में कांग्रेसियों ने शराब दुकानों के सामने नारेबाजी की और नियमों में बदलाव की मांग की थी।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महात्मा गांधी के सिद्धांतों के विपरीत ऐसे दिन शराब दुकानों का खुला रहना जनभावनाओं के खिलाफ है। इसे उन्होंने बापू के विचारों का अपमान बताया था।

सामाजिक संतुलन पर जोर

सरकार के इस नए फैसले को सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया कदम माना जा रहा है। होली जैसे बड़े पर्व पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह निर्णय अहम माना जा रहा है।