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मंगल ने बदली चाल, इन 3 राशियों की बढ़ेगी मुश्किलें, 2 अप्रैल तक इन राशियों को संभलकर रहने की जरूरत!

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मंगल और राहु की यह युति ‘अंगारक योग’ का निर्माण कर रही है, जिसे ज्योतिषीय गणनाओं में उथल-पुथल मचाने वाला माना जाता है.

हैदराबाद – ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राशि और नक्षत्र परिवर्तन एक अत्यंत प्रभावशाली घटना मानी जाती है. इसी कड़ी में 23 फरवरी 2026 को ग्रहों के सेनापति मंगल अपनी उच्च राशि मकर से विदा होकर शनि की राशि कुंभ में प्रवेश कर चुके हैं. मंगल का यह गोचर सामान्य नहीं है, क्योंकि कुंभ राशि में छाया ग्रह राहु पहले से ही विराजमान हैं.

मंगल और राहु की यह युति ‘अंगारक योग’ का निर्माण कर रही है, जिसे ज्योतिषीय गणनाओं में उथल-पुथल मचाने वाला माना जाता है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र के अनुसार, यह योग अगले कुछ हफ्तों तक दुर्घटनाओं, मानसिक तनाव और आकस्मिक विवादों की आशंका बढ़ाएगा. विशेष रूप से तीन राशियों—वृषभ, कर्क और कुंभ—के लिए यह समय ‘अग्निपरीक्षा’ जैसा साबित हो सकता है.

इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान

1. वृषभ राशि – वृषभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर मानसिक अशांति लेकर आ सकता है. पारिवारिक माहौल में तनाव बढ़ेगा और ऑफिस में सहकर्मियों के साथ अनबन की स्थिति बन सकती है. मंगल की उग्रता आपके बनते हुए कार्यों में बाधा डाल सकती है. आचार्य का सुझाव है कि इस समय क्रोध पर नियंत्रण रखें और किसी भी बड़े विवाद से खुद को दूर रखें.

2. कर्क राशि  – कर्क राशि वालों के लिए आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियां बढ़ सकती हैं. रुके हुए धन की प्राप्ति में देरी होगी और कार्यस्थल पर दबाव महसूस होगा. स्वास्थ्य के प्रति भी लापरवाही भारी पड़ सकती है. खर्चों पर लगाम लगाना और महत्वपूर्ण निर्णयों को कुछ समय के लिए टालना ही बेहतर होगा.

3. कुंभ राशि – चूंकि यह युति आपकी ही राशि में हो रही है, इसलिए सबसे अधिक प्रभाव आप पर ही दिखेगा. स्वास्थ्य संबंधी पुरानी समस्याएं दोबारा उभर सकती हैं. निवेश के मामलों में जोखिम न लें, अन्यथा बड़ी आर्थिक हानि हो सकती है. ‘अंगारक योग’ के प्रभाव से वाणी में कठोरता आ सकती है, जो आपके रिश्तों को प्रभावित करेगी.

बचाव के अचूक उपाय
अंगारक योग के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए शास्त्रों में कुछ प्रभावी उपाय बताए गए हैं:

  • प्रतिदिन हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें. मंगलवार को हनुमान जी को चमेली के तेल का दीपक अर्पित करना अत्यंत शुभ है.
  • शनिवार को काले तिल और उड़द की दाल का दान करें. राहु की शांति के लिए पक्षियों को सात प्रकार का अनाज खिलाएं.
  • मंगल के बीज मंत्र ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः’ का जाप करें.

ज्योतिषियों की सलाह है कि 2 अप्रैल 2026 तक, जब तक मंगल इस राशि में रहेंगे, तब तक वाहन चलाने और संवाद करने में अत्यधिक संयम बरतें.