रायपुर: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में 6 फरवरी से 8 फरवरी के बीच राष्ट्रीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की महिला खिलाड़ियों ने कमाल किया है. हैदराबाद में नेशनल चैंपियनशिप प्रतियोगिता आयोजित होने के बाद खिलाड़ी मंगलवार को रायपुर लौटे हैं. मेडल हासिल करने वाले खिलाड़ियों का रायपुर रेलवे स्टेशन पर स्वागत हुआ. ईटीवी भारत से राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा लेकर वापस लौटे थाई बॉक्सिंग के खिलाड़ियों ने अपने अनुभव साझा किए हैं.
राष्ट्रीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ का दबदबा
खिलाड़ी पल्लवी साहू ने बताया कि “हम लोग नेशनल चैंपियनशिप खेलने के लिए हैदराबाद गए हुए थे.थाई बॉक्सिंग एक प्रकार का मिक्स मार्शल आर्ट है. इसमें सभी प्रकार के मार्शल आर्ट शामिल होते हैं. मैं पिछले 5 सालों से थाई बॉक्सिंग की प्रैक्टिस कर रही है. इसके पहले भी मैं नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी हूं. जिसमें असम, भोपाल और खंडवा के साथ ही अभी नेशनल खेलने के लिए हैदराबाद गई थी.
काफी अच्छा लग रहा है. थाई बॉक्सिंग में मार खाना और मारना होता है. मार खाने की आदत और दूसरे को मारने की आदत सीखनी पड़ती है. इसके प्रैक्टिस को बहुत जरूरी है. प्रतिदिन 2 घंटे की प्रैक्टिस थाई बॉक्सिंग के लिए जरूरी है- पल्लवी साहू, थाई बॉक्सिंग की खिलाड़ी
खिलाड़ी मानसी तांडी ने बताया कि “थाई बॉक्सिंग एक तरह से बॉक्सिंग की तरह होता है लेकिन बॉक्सिंग में केवल पंच का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन थाई बॉक्सिंग के इस गेम में पंच और किक दोनों का इस्तेमाल करके एक सेल्फ डिफेंस बनता है जो मार्शल आर्ट का एक प्रकार है. अभी हम लोग नेशनल चैंपियनशिप में खेलने के लिए हैदराबाद गए हुए थे. मैं इस गेम में स्वर्ण पदक के साथ ही मुझे टाइटल बेल्ट मिला है. इसके पहले भी मैं लगभग 11 बार नेशनल खेल चुकी हूं. जिसमें मैंने स्वर्ण रजत और कांस्य पदक हासिल किया है. स्थाई बॉक्सिंग के इस गेम में माइंड सेट के साथ ही प्रैक्टिस भी जरूरी होती है.
थाई बॉक्सिंग की रेफरी ने क्या कहा ?
रेफरी और कोच के रूप में टिकेश्वरी साहू हैदराबाद गई हुई थी उन्होंने बताया कि हम रायपुर से पांच बच्चों को लेकर हैदराबाद गए हुए थे.हमारे 12 बच्चे तैयार हुए थे. लेकिन बोर्ड परीक्षा की वजह से कई बच्चे इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाए. इस गेम में खिलाड़ियों को इस बात का ध्यान रखना होता है कि थाई बॉक्सिंग में पूरे किट के साथ खेलना होता है, लेकिन प्रो फाइट में किट की आवश्यकता नहीं पड़ती. ग्लव्स और सीनपेड होते हैं. प्रो फाइट में किसी प्रकार की किट नहीं होने की वजह से चोट लगने की संभावना भी ज्यादा रहती है. थाई बॉक्सिंग की इस कंपटीशन में मेरा चयन बतौर रेफरी के रूप में हुआ था. इसके साथ ही मैं खिलाड़ियों के कोच के रूप में भी रही हूं.
छत्तीसगढ़ में भी खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है. बस खिलाड़ियों को खेल प्रतिभा निखारने के लिए मंच देने की आवश्यकता है. छत्तीसगढ़ के खाते में और भी पदक आते हैं लेकिन बोर्ड परीक्षा की वजह से कई खिलाड़ी हैदराबाद के इस आयोजन में शामिल नहीं हुए- अनीस मेमन, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन
छत्तीसगढ़ थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन में खुशी
छत्तीसगढ़ थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनीस मेमन ने बताया कि 12 वीं TIF राष्ट्रीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप और नाइट फाइट का आयोजन हैदराबाद में हुआ. जिसमें छत्तीसगढ़ के पांच खिलाड़ी और दो अधिकारियों ने हिस्सा लिया. इसमें तीन प्रकार के इवेंट हुए थे. जिसमें पहले एमेच्योर, प्रो फाइट और एक म्यूजिकल इवेंट था. सभी इवेंट में हमारे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया. पांच महिला खिलाड़ियों ने 6 गोल्ड मेडल दो टाइटल बेल्ट भी जीते हैं. इस तरह से पूरे भारत में छत्तीसगढ़ चौथे स्थान पर रहा.






