धार की भोजशाला में वसंत पंचमी शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण रही। तय समय पर पूजा, हवन और नमाज संपन्न हुई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन और भारी पुलिस तैनाती से कोई विवाद नहीं हुआ, हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
धार – धार की भोजशाला में शुक्रवार को पड़ी वसंत पंचमी शांति से संपन्न हो गई। कड़ी सुरक्षा के बीच भोजशाला में मां सरस्वती की पूजा और नमाज कराई गई। इस दौरान किसी भी तरह से विवाद को स्थिति निर्मित नहीं हो पाई। तय संख्या में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने नमाज पढ़ी और भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती की पूजा और हवन जारी रहा। पूर्णाहूति के बाद हवन पूर्ण हुआ और धारवासियों ने चैन की सांस ली। 
पुलिस सुरक्षा में नमाज के लिए आए मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि
चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात
हजारों लोगों ने किए निर्विघ्न दर्शन
झलकियां
- भोजशाला में बड़ी संख्या में महिलाएं भी आईं। उनके साथ छोटे बच्चे भी साथ रहे। सभी नंगे पैर दर्शन के लिए पहुंचे।
- केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर भी भोजशाला में दर्शन के लिए आईं। भोजशाला में मां सरस्वती का तैलय चित्र रखा गया, जिसकी पूजा की गई।
- भोजशाला में आने वाले भक्तों के लिए धार के सामाजिक और व्यापारिक संगठनों ने भोजन के स्टॉल लगाए। जहां पूड़ी आलू की सब्जी, पोहे, चाय दर्शन करने आ रहे भक्तों को दी गई।
- शोभा यात्रा भोजशाल पहुंची। बड़ी संख्या में महिलाएं पुरुष भगवा पताकाओं के साथ आए। युवक नारे लगा रहे थे। खाली कर दो रास्ते, भोजशाला के वास्ते। शोभायात्रा में डीजे गाड़ियां भी थीं।
- भोजशाला की मस्जिद वाले हिस्से को अफसरों ने टेंट से ढकवा दिया था। इसके अलावा भोजशाला की छत के एक हिस्से पर भी सफेद टेंट लगाया गया था।
- दोपहर ढाई बजे के बाद भोजशाला में कतार लगना बंद हो गई। आसानी से सभी को प्रवेश मिल रहा था।
- भोजशाला में लोग नंगे पैर दर्शन के लिए गए। भोजशाला के बाहर जूते चप्पलों का ढेर लग गया।
- इधर एक पक्ष ने आरोप भी लगाए कि उन्होंने कोई नमाज नहीं पढी है। दावा है कि डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी ने उन्हें और उनके साथियों को पिछले 16 घंटे से कमाल मौला मस्जिद में रोककर रखा। लेकिन दोपहर 2 बजे तक उनसे नमाज नहीं पढ़वाई गई।








