पवन शर्मा गीदम /दंतेवाड़ा – भांसी में एनएमडीसी – एनसीएल किये जा रहे खनन का विरोध, युवाओ के कहा कि जान दे देंगे पर प्रकृति की रक्षा करेंगे । युवाओ के नेतृत्वकर्ता छविंद्र कर्मा ने कहा कि यह जंगल बस्तर की जीवनदायिनी है, यह लड़ाई हम एनएमडीसी- एनसीएल के खिलाफ खदान क्र 04 से लेकर खदान क्र 13 तक ज़ारी रखेंगे । छविंद्र कर्मा ने कहा कि भविष्य में 26 जनवरी 2026 को पित्ततोरमेटा खदान क्र13 में भी युवाओ की यह लड़ाई लड़ने हम वहाँ जाएंगे । विमल सलाम ने कहा कि बस्तर का युवा अब जाग चुका और हमारी संस्कृति – परंपरा और प्रकृति को बचाने हर सम्भव लड़ाई लड़ेंगे ।
सुलोचना कर्मा ने कहा कि यह दन्तेवाड़ा के जंगल हमारे पूर्वजों द्वारा संजो के रखा गया है, और इनसे ही हमे कई प्रकार की वनऔषधि मिलती है और विविध प्रकार के जीवजन्तु का घर है जिन्हें अब बचना और भविष्य सुरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है ।राहुल महाजन ने कहा कि यह जंगल कई प्रकार के दुर्लभ प्रजातियों का घर है, बस्तर का ऑक्सीजन का स्रोत है, खनन करने के लिए साज़िस कर के इस क्षेत्र को भैरमगढ़ अभ्यारण की सीमा से दूर रखा गया है, जबकि इन जंगलों में कई जानवर विचरण करने आते है ।
युवाओ का नेतृत्व करते हुए गणेश दुर्गा ने भी कहा कि हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए इस प्रकृतिक धरोहर को बचाना होगा वरना हम हमारा भविष्य विकास की आड़ में अंधकार में धकेल देंगे । कांग्रेस पार्टी से जिलाध्यक्ष सलीम रज़ा उस्मानी ने भी कहा केंद्र सरकार के खिलाफ इस मुहिम में हम युवाओ का समर्थन करते है और यह जल-जंगल-जमीन ही बस्तर ही खूबसूरती जिसे किसी भी कीमत पर हम नष्ट होने नही देंगे ।आप पार्टी के ज्वाला सिंह ठाकुर ने समर्थन में कहा कि बस्तर को बचाने की युवाओ की पहल का पूर्ण समर्थन है, बसपा पार्टी के केशव नेताम ने भी इस मुहिम में अपना समर्थन जताया है ।
सीपीआई से जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र सोरी ने भी युवाओ के समर्थन में कहा कि हम सबको आज मिलकर अपना भविष्य बचाना होगा तो वही सीपीआई जिला सचिव के.साजी ने इसे एक सार्थक पहल बताया और युवाओ से अपील की इस आंदोलन को बस्तर हित मे जल -जंगल – जमीन बचाने के लिए एक अनूठी पहल बताई । युवाओ के इस आंदोलन में कांग्रेस – सीपीआई – आप – बसपा जैसी राजनीतिक दलों के कई नेता एवं दन्तेवाड़ा जिले के कई जिला पंचायत सदस्य, सरपंच – पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि रहे मौजूद ।समूचे दन्तेवाड़ा के युवाओ ने तिरंगा झंडा फहरा कर बैलाडीला के इन पहाड़ो को बचाने का संकल्प लिया और पहाड़ बचाने का आह्वाहन किया ।






