रायपुर – छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। प्रदेश के कई जिलों में रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 10 दिसंबर तक प्रदेश के 25 जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग संभाग ठंड के सबसे अधिक प्रभाव वाले क्षेत्र बताए जा रहे हैं। 8 दिसंबर को मैनपाट प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान मात्र 5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रायपुर में भी लगातार दूसरे दिन पारा 12 डिग्री पर स्थिर रहा। सुबह के समय घने कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक तापमान और नीचे जा सकता है। विशेषकर सुबह और देर शाम के समय सर्द हवाएँ तेज रफ्तार से चलने की संभावना है, जिससे शीतलहर की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।
रायगढ़ में इन दिनों रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। पारा 11 से 12 डिग्री के बीच लुढ़क रहा है। सुबह की शुरुआत कोहरे के साथ होती है और रात में हवा और सर्द हो जाती है। दिन के समय हल्की धूप राहत जरूर देती है, लेकिन शाम ढलते ही फिर से ठंड बढ़ जाती है।
बिलासपुर में न्यूनतम तापमान लगभग 10 से 11 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में तापमान में 2–3 डिग्री तक गिरावट हो सकती है। हवाओं की नमी कम होने से वातावरण शुष्क बना हुआ है, जिससे सर्दी का असर और तेज महसूस हो रहा है।
सारंगढ़ में फिलहाल हल्की से मध्यम ठंड बनी हुई है। दिन का तापमान 26–27 डिग्री के बीच और रात का तापमान 12–16 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड हो रहा है। पहाड़ियों के करीब बसे क्षेत्रों में सुबह हल्का कोहरा देखने को मिल रहा है। हालांकि यहाँ शीतलहर का प्रभाव अन्य जिलों जितना तेज नहीं है, लेकिन तापमान तेजी से नीचे जा रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने नागरिकों से सुबह-शाम बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय जरूरी बताए गए हैं। सुबह वाहन चलाते समय कोहरे के कारण दृश्यता कम हो सकती है, इसलिए सतर्क होकर यात्रा करने की सलाह दी गई है।






