दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सीमा पर भैरमगढ़ क्षेत्र के केशकुतुल जंगलों में सुरक्षा बल और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई. सूत्रों के अनुसार इस मुठभेड़ में पांच माओवादी मारे गए. दोनों ओर से फायरिंग जारी रही. सुरक्षा बल इलाके में सर्चिंग और निगरानी कर रहे हैं, जबकि प्रशासन और पुलिस सतर्कता बढ़ा चुके हैं.
दंतेवाड़ा–बीजापुर सीमा पर मुठभेड़ – बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई एक बड़ी मुठभेड़ की आधिकारिक पुष्टि आईजी बस्तर ने की है. यह मुठभेड़ बीजापुर–दंतेवाड़ा की सीमा पर स्थित घने जंगलों में हुई, जहां सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम एक बड़े सर्च ऑपरेशन पर निकली थी. मुठभेड़ की शुरुआत सुबह करीब 9 बजे हुई और कई घंटे तक रुक–रुक कर गोलाबारी चलती रही.
जानकारी के अनुसार, इस मुठभेड़ में अब तक12 माओवादी कैडरों को मार गिराया गया है. घटनास्थल से सुरक्षा बलों ने SLR राइफल, .303 राइफल और अन्य हथियार व भारी मात्रा में गोली–बारूद बरामद किया है. यह बरामदगी टीम की बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इन हथियारों का उपयोग माओवादी कई बड़े हमलों में करते रहे हैं.
यह अभियान DRG (दंतेवाड़ा–बीजापुर), STF, कोबरा और CRPF की संयुक्त टीम ने चलाया था. इन सभी बलों ने समन्वय बनाकर एक विशेष खुफिया सूचना के आधार पर क्षेत्र को घेरा और माओवादियों के ठिकानों की ओर बढ़ते हुए मुठभेड़ को अंजाम दिया.
दुर्भाग्यपूर्ण रूप से इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों के 3 जवान शहीद हो गए, जबकि एक जवान घायल है. घायल जवान का अस्पताल में इलाज जारी है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है. शहीद जवानों के नाम इस प्रकार हैं—
शहीद प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी, DRG बीजापुर
शहीद आरक्षक दुकारू गोंडे, DRG बीजापुर
शहीद जवान रमेश सोड़ी, DRG बीजापुर
दोनों जवान बहादुरी से लड़ते हुए अपनी जान न्यौछावर कर गए. सुरक्षा बलों ने शहीदों के पार्थिव शरीर को बरामद कर उन्हें सम्मानपूर्वक जिला मुख्यालय भेज दिया है. प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहीदों को राज्य स्तर पर पूर्ण सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी जाएगी.
आईजी बस्तर ने बताया कि घटना स्थल से मिले हथियार यह संकेत देते हैं कि माओवादी समूह बड़ी कार्रवाई की तैयारी में था. संयुक्त टीम की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण कई जवानों की जान बच सकी और माओवादियों की बड़ी संख्या में कमर टूट गई. उन्होंने यह भी बताया कि मारे गए माओवादियों की पहचान की जा रही है. संभावना है कि इनमें कई दर्जन मामलों में वांछित माओवादी शामिल हों.
पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है और जंगलों में सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि बच निकले माओवादियों को भी पकड़ा जा सके. यह मुठभेड़ बस्तर क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है.






