रायपुर : डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय यानी मेकाहारा के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट ने मेडिकल विज्ञान में अकल्पनीय उपलब्धि हासिल की है. छाती में गोली लगने के बाद हार्ट के दाएं वेंट्रिकल में बुलेट फंसी थी,जिसे ओपन हार्ट सर्जरी के जरिए निकालकर मरीज की जान बचाई गई. डॉक्टरों के मुताबिक छत्तीसगढ़ समेत सेंट्रल इंडिया में संभवत: ये पहला केस है,जिसमें गोली दिल के अंदर तक पहुंची फिर भी मरीज पूरी तरह से बच गया.
कैसे लगी गोली
मरीज का नाम जीवन पटेल है. मोहला मानपुर का रहने वाला जीवन पटेल बाजार गया था. इस दौरान उसका किसी से विवाद हुआ और उसने एयर गन से जीवन पर फायर कर दिया. गोली सीधे उसकी छाती में लगी.
गंभीर हालत में पहुंचा था मरीज, ब्लड प्रेशर गिरकर 70/40 mmHg
तुरंत हाई-रिस्क कंसेंट, फिर ओपन हार्ट सर्जरी स्थिति की गंभीरता देखते हुए परिजनों से हाई-रिस्क एवं D.O.T. (Death on Table) कंसेंट लिया गया. मरीज को तत्काल कार्डियक सर्जरी OT में शिफ्ट कर हार्ट-लंग मशीन की सहायता से दिल की धड़कन रोकी गई. इसके बाद राइट एट्रियम खोलकर ट्राइकस्पिड वाल्व के पार दाएं वेंट्रिकल में धंसी गोली को निकालने की प्रक्रिया शुरु की गई.
सबसे बड़ी चुनौती—हार्ट के अंदर धँसी 8mm×4mm बुलेट को ढूंढना
सर्जरी के दौरान बुलेट की सटीक लोकेशन पता लगाना कठिन था. TEE से स्पष्ट दृश्य नहीं मिला, जिसके बाद मूवेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन का प्रयोग किया गया. कई बार एक्स-रे लेने के बाद अंततः गोली की सही स्थिति पहचानी गई. डॉक्टरों के अनुसार वायरलेस डिजिटल एक्स-रे मशीन इस ऑपरेशन में वरदान साबित हुई.






