रायपुर – समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को किसी तरह की कोई दिक्कत ना हो इसे देखते हुए राज्य सरकार अन्य विभागों के कर्मचारियों की खरीदी कार्य में ड्यूटी लगाई है। धान खरीदी कार्य को अत्यावश्यक सेवा घोषित करते हुए एस्मा भी लागू कर दिया है। एस्मा लागू होने के बाद सरकार ने कड़ाई बरतना शुरू कर दिया है। हड़ताली समिति प्रबंधक जो चेतावनी के बाद भी काम पर नहीं लौटे हैं ऐसे 25 से अधिक समिति प्रबंधकों व कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। चार ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के खिलाफ रायपुर कलेक्टर ने एफआईआर दर्ज करा दिया है।
धान खरीदी में किसी तरह का कोई व्यवधान ना आए और किसानों को किसी तरह की कोई दिक्कत का सामना ना करना पड़े इसे देखते हुए पूरे सिस्टम को एक्टिव कर दिया गया है। चीफ सिकरेट्री द्वारा जिले के प्रभारी सचिवों को फिल्ड पर जाने की हिदायत देने को इसी नजरिए से देखा जा रहा है।
चीफ सिकरेट्री द्वारा प्रभारी सचिवों को मैदान पर उतारने का एक मकसद ये भी था कि संदेश जाए कि समितियों की हड़ताल के बाद भी सरकार धान खरीदी को लेकर गंभीर है। दूसरा कलेक्टरों को भी बताना था कि सरकार इसको लेकर संजीदा है, टॉप प्रायरिटी देकर धान खरीदी कराएं। फिर कुछ कलेक्टर नए या फिर कमजोर परफर्मेंस वाले हैं। प्रभारी सचिवों के जिलों में जाने से कलेक्टर रिचार्ज हो जाएंगे। जिले की छोटी-मोटी कोई दिक्कतें होंगी तो वो भी प्रभारी सचिवों की नोटिस में आ जाएगी। प्रभारी सचिव सीधे मुख्य सचिव को रिपोर्ट करेंगे, इसलिए कोई कमियां होगी तो उसका शीघ्र निराकरण किया जा सकता है। चीफ सिकरेट्री के निर्देश पर प्रभारी सचिवों ने धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण भी किया है। प्रभारी सचिवों के निरीक्षण के बाद सिस्टम पूरी तरह एक्टिव हो गया है।






